बेगूसराय कांग्रेस अध्यक्ष का हमला: “जो पत्नी को न्याय न दे सके, वो देश की नारीशक्ति को क्या न्याय देंगे?”
डीएनबी भारत डेस्क

बेगूसराय जिला कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष शिव प्रकाश गरीब दास ने केंद्र की मोदी सरकार पर महिला आरक्षण बिल के मुद्दे को लेकर जोरदार हमला बोलते हुए कहा है कि लोकसभा में वर्ष 2023 में सभी दलों के सर्वसम्मति से पारित महिला आरक्षण विधेयक को लेकर देश की महिलाओं के साथ मोदी सरकार द्वारा एक सुनियोजित राजनीतिक धोखा किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि जिस महिला आरक्षण विधेयक को पूरे देश ने समर्थन देकर ऐतिहासिक कदम माना, उसी विधेयक को लागू करने में जानबूझकर देरी कर मोदी सरकार केवल राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही है। यह सरकार महिलाओं को अधिकार देने में नहीं, बल्कि उनके नाम पर वोट बटोरने में ज्यादा रुचि रखती है।
श्री गरीब दास ने तीखे शब्दों में कहा कि आज देश की महिलाएं यह भली-भांति समझ चुकी हैं कि भाजपा की कथनी और करनी में जमीन-आसमान का अंतर है। एक ओर मंचों से महिला सम्मान की बड़ी-बड़ी बातें की जाती हैं, वहीं दूसरी ओर नीतिगत स्तर पर महिलाओं को वास्तविक भागीदारी देने से लगातार बचा जा रहा है।
गरीब दास ने इंडिया गठबंधन द्वारा इस भ्रामक और राजनीति से प्रेरित बिल को रोककर लोकतंत्र की रक्षा की दिशा में एक मजबूत कदम बताया। उन्होंने कहा कि यदि केंद्र सरकार वास्तव में महिलाओं को आरक्षण देना चाहती है, तो उसे तत्काल प्रभाव से वर्तमान लोकसभा में सीटों की संख्या में पचास प्रतिशत आरक्षण लागू करना चाहिए तब जाकर देश की नारीशक्ति का सम्मान और अधिकार की बात करने का हक मोदी सरकार को मिल सकता है।
उन्होंने आगे कहा कि परिसीमन के नाम पर सरकार जिस प्रकार से देश की जनता की गाढ़ी कमाई को खर्च करने और राजनीतिक लाभ के लिए उसका दुरुपयोग करने की योजना बना रही है, वह पूरी तरह से अस्वीकार्य है। इस प्रकार का “झूठा परिसीमन” केवल जनता के संसाधनों की खुली लूट है, जिसे रोका जाना आवश्यक है।
उन्होंने आरोप लगाया कि महिला आरक्षण जैसे गंभीर और ऐतिहासिक विषय को भी मोदी सरकार ने अपने राजनीतिक एजेंडे का हिस्सा बना दिया है। बार-बार नए तरीके से इसे प्रस्तुत कर देश की जनता को भ्रमित करने का प्रयास किया जा रहा है, जो लोकतंत्र की मूल भावना के खिलाफ है।
श्री गरीब दास ने कहा कि इंडिया गठबंधन ने इस छलावे और तानाशाही सोच के खिलाफ मजबूती से आवाज उठाई है और संसद से लेकर सड़क तक इस मुद्दे पर सरकार को घेरने का काम किया है। गठबंधन के दबाव के कारण ही सरकार की मंशा उजागर हुई और महिलाओं के नाम पर चल रहे इस राजनीतिक नाटक पर रोक लगी है।
उन्होंने भाजपा नेतृत्व पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि खुद प्रधानमंत्री मोदी अपने घरों में अपने पत्नी के साथ न्याय नहीं कर पा रहे हैं और पूरे देश की नारीशक्ति का न्याय करने चले हैं।
एनडीए के नेता महिला सम्मान की बात तो करते हैं, लेकिन उनके अपने व्यवहार और निर्णयों में महिलाओं के प्रति संवेदनशीलता का अभाव साफ दिखाई देता है। समाज में महिलाओं के साथ हो रहे अन्याय पर चुप्पी साध लेना और केवल राजनीतिक मंचों पर बयानबाजी करना, भाजपा की दोहरी मानसिकता को दर्शाता है।
देश में महिलाओं के साथ हो रहे रेप एवं अन्य उत्पीड़न में सबसे ज्यादा भाजपा नेता ही शामिल रहते हैं लेकिन नारीशक्ति पर झूठी और घरियाली आंसू बहा कर गुमराह करने में आगे रहते हैं।
गरीब दास ने कहा कि कांग्रेस पार्टी का इतिहास महिलाओं के सशक्तिकरण, समान अधिकार और राजनीतिक भागीदारी को मजबूत करने का रहा है। कांग्रेस ने देश की प्रथम महिला प्रधानमंत्री, प्रथम महिला लोकसभा स्पीकर, प्रथम महिला जज, प्रथम महिला राष्ट्रपति, प्रथम महिला मुख्यमंत्री सहित कई अन्य बड़े-बड़े पदों पर महिलाओं को बैठाते हुए हमेशा महिलाओं को सम्मानजनक स्थान देने का काम किया है और आगे भी इस लड़ाई को निर्णायक मुकाम तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
अंत में उन्होंने कहा कि बेगूसराय जिला कांग्रेस कमिटी महिलाओं के अधिकारों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होने देगी और इस मुद्दे पर जन-जागरण अभियान चलाकर सच्चाई को हर घर तक पहुंचाने का कार्य करेगी।
डीएनबी भारत डेस्क