डीएनबी भारत डेस्क
बेगूसराय से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां सदर अस्पताल में स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल उस समय खुल गई जब बिहार सरकार के गन्ना मंत्री संजय पासवान अचानक अस्पताल पहुंच गए। दरअसल, मंत्री संजय पासवान बखरी विधानसभा क्षेत्र के नावकोठी गांव निवासी चंद्रभूषण पासवान की पत्नी रेणु देवी का हालचाल जानने सदर अस्पताल पहुंचे थे। लेकिन अस्पताल पहुंचते ही जो तस्वीर सामने आई, उसने सभी को चौंका दिया।

मंत्री के मुताबिक, अस्पताल में ना डॉक्टर मौजूद थे और ना ही नर्स। इसे लेकर मंत्री संजय पासवान भड़क उठे और उन्होंने मौके पर ही इलाज व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। मंत्री के अचानक पहुंचने से अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और कर्मचारियों के बीच हड़कंप मच गया।मंत्री संजय पासवान ने बताया कि रेणु देवी की तबीयत काफी बिगड़ी हुई थी और उन्हें इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था,
लेकिन समय पर सही इलाज नहीं मिलने के कारण उनकी हालत और खराब हो गई। इस मामले को लेकर मंत्री ने सिविल सर्जन डॉ. अशोक कुमार से फोन पर बात की। आरोप है कि सिविल सर्जन ने ईद के मौके पर डॉक्टरों और नर्सों के छुट्टी पर होने की बात कही।इस पर नाराजगी जताते हुए मंत्री ने कहा कि ईद मनाना गलत नहीं है, लेकिन अगर अस्पताल में डॉक्टर और नर्स ही मौजूद नहीं रहेंगे, तो मरीजों का इलाज कैसे होगा।
उन्होंने साफ कहा कि अस्पताल कोई छुट्टी मनाने की जगह नहीं है, बल्कि यहां हर हाल में मरीजों को इलाज मिलना चाहिए। मंत्री संजय पासवान ने सदर अस्पताल में इलाज में घोर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार द्वारा बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के बावजूद अगर मरीजों को इलाज नहीं मिल रहा है, तो यह कहीं न कहीं सरकार के साथ भी छल है।फिलहाल, मंत्री ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि इस मामले में लापरवाही बरतने वाले डॉक्टरों और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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