डीएनबी भारत डेस्क
भगवानपुर (बेगूसराय): प्रखंड क्षेत्र में बाल श्रम के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत शुक्रवार को श्रम विभाग की टीम ने कार्रवाई करते हुए दो बाल श्रमिकों को मुक्त कराया। यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर की गई।

श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी मुन्ना कुमार, मंदीप कुमार एवं दिवाकर कुमार की टीम ने छापेमारी कर भगवानपुर प्रखंड क्षेत्र के बनवारीपुर टावर चौक स्थित बांके बिहारी मिष्ठान भंडार तथा प्रखंड मुख्यालय बजार स्थित इंडियन फास्ट फूड एंड चाइनीज डिशेज दोनों एक एक बच्चे को विमुक्त कराया।
श्रम अधीक्षक रतीश कुमार ने बताया कि जिले के सभी प्रखंडों में 31 मार्च 2026 तक “चाइल्ड लेबर रेस्क्यू स्पेशल ड्राइव” चलाया जा रहा है। यह अभियान ‘पैन-इंडिया रेस्क्यू एंड रिहैबिलिटेशन कैंपेन 3.0’ के तहत संचालित है, जिसमें ढाबा, दुकान, मोटर गैराज, ईंट भट्ठा व अन्य प्रतिष्ठानों में छापेमारी कर बाल एवं किशोर श्रमिकों को मुक्त कराया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि निरीक्षण के दौरान बाल श्रम कराने वाले नियोजकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और प्राथमिकी भी दर्ज की जाएगी। बाल श्रमिकों को मुक्त कराने के बाद उनके पुनर्वास की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाती है।
उन्होंने आगे बताया कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार नियोजक से प्रति बाल श्रमिक 20 हजार रुपये जिला बाल श्रमिक पुनर्वास कोष में जमा कराया जाता है। वहीं, विमुक्त बच्चों को तत्काल 3 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। इसके अलावा 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों को मुख्यमंत्री राहत कोष से 25 हजार रुपये तथा 14 से 18 वर्ष के किशोरों को भी निर्धारित प्रावधान के तहत समान सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
श्रम अधीक्षक ने कहा कि बाल कल्याण समिति एवं जिला टास्क फोर्स के माध्यम से मुक्त बच्चों को शिक्षा, आवास व अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। साथ ही जिले में विभिन्न स्वयंसेवी संगठनों के सहयोग से जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है।
उन्होंने नियोजकों से अपील की कि वे बाल श्रम नहीं कराने संबंधी शपथ पत्र संयुक्त श्रम भवन, बेगूसराय स्थित कार्यालय में जमा करें तथा अपने प्रतिष्ठानों का निबंधन श्रम विभाग में अविलंब कराएं। अन्यथा विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।
बेगूसराय भगवानपुर संवाददाता गणेश प्रसाद की रिपोर्ट