बुलडोजर कार्रवाई के खिलाफ आक्रोश, सुंदरैयानगर के दलित परिवारों को बसाने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरना शुरू
डीएनबी भारत डेस्क
समस्तीपुर में भाकपा माले और खेग्राम्स ने सुंदरैयानगर के 907 विस्थापित परिवारों के पुनर्वास की मांग की है। इसको लेकर जिलाधिकारी कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन ‘डेरा डालो-घेरा डालो’ आंदोलन शुरू किया है।

यह आंदोलन शहर के सरकारी बस स्टैंड में भूमिहीन लोगों के मुद्दों को लेकर चलाया जा रहा है। भाकपा माले कार्यकर्ताओं ने मालगोदाम चौक से एक विशाल जुलूस निकाला। यह जुलूस समाहरणालय पहुंचा, जहां कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। उनकी मुख्य मांगों में हसनपुर के मंगलगढ़ (सुंदरैयानगर) से उजाड़े गए 907 दलित परिवारों को पर्चा देकर बसाना, समस्तीपुर जिले के सभी भूमिहीनों को वासभूमि-आवास उपलब्ध कराना, सरकारी जमीन पर बसे लोगों को पर्चा देना और पर्चाधारियों को कब्जा दिलाना शामिल है।
बुलडोजर कार्रवाई से आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने लगभग एक घंटे तक अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की। इसके बाद उपस्थित मजिस्ट्रेट के आग्रह पर कार्यकर्ताओं का जत्था समाहरणालय के सामने सरकारी बस स्टैंड में अनिश्चितकालीन ‘घेरा डालो-डेरा डालो’ आंदोलन पर बैठ गया।इस अवसर पर एक सभा का आयोजन किया गया।
माले नेता सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने बताया कि हसनपुर के मंगलगढ़ (सुंदरैयानगर) में लगभग एक हजार परिवार 1992 से केशरेहिंद सरकारी जमीन पर बसे हुए थे। इन परिवारों के नाम मतदाता सूची में थे और उन्हें राशन कार्ड, बिजली, पानी जैसी सभी सरकारी सुविधाएं हासिल थीं। नेताओं ने आरोप लगाया कि एक साजिश के तहत पुलिस और सामंती गुंडों के गठजोड़ ने इन परिवारों को उजाड़ दिया।
समस्तीपुर संवाददाता अफरोज आलम की रिपोर्ट