नालंदा: मां शीतला मंदिर में तीन दिवसीय मघड़ा मेले की हुई शुरुआत, बिहार समेत कई राज्यों से पहुंचे श्रद्धालु, बसिऔड़ा परंपरा निभा रहे ग्रामीण

DNB Bharat Desk

नालंदा के शीतला मंदिर में तीन दिवसीय मघड़ा मेले की शुरुआत हो चुकी है।मां शीतला मंदिर के पुजारी बताते हैं कि प्राचीन काल से चैत्र कृष्ण पक्ष सप्तमी के दिन मघड़ा तथा इसके आसपास के गांवों में बसिऔड़ा मनाने की परंपरा चली आ रही है। 

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इन गांवों के लोग मंगलवार की शाम में खाना बनाने के बाद अपने-अपने घरों की साफ-सफाई करते हैं। बुधवार अष्टमी को किसी घर में चूल्हे नहीं जलाते हैं। रात में बनाये गये खाने को लोग ग्रहण करते हैं। मघड़ा के ग्रामीण बताते हैं कि मिट्ठी कुआं का पानी कभी नहीं सुखता है तथा पानी काफी मीठा है। पुजारी बताते हैं कि जिस दिन मां की प्रतिमा कुएं से निकाली गयी थी।

नालंदा: मां शीतला मंदिर में तीन दिवसीय मघड़ा मेले की हुई शुरुआत, बिहार समेत कई राज्यों से पहुंचे श्रद्धालु, बसिऔड़ा परंपरा निभा रहे ग्रामीण 2 उस दिन चैत्र कृष्ण पक्ष की सप्तमी तथा अष्टमी के दिन मां की प्रतिमा की स्थापना हुई थी। उसी समय से मघड़ा में मेले की शुरुआत हुई, जो अब तक जारी है। श्रद्धालु दही चीनी प्रसाद के रूप में माता को चढ़ाते हैं। ऐसी मान्यता है कि मंदिर के विभूति और तालाब के जल का सेवन करने से चेचक रोगी पूरी तरह से स्वस्थ हो जाते हैं। 

नालंदा: मां शीतला मंदिर में तीन दिवसीय मघड़ा मेले की हुई शुरुआत, बिहार समेत कई राज्यों से पहुंचे श्रद्धालु, बसिऔड़ा परंपरा निभा रहे ग्रामीण 3स्वस्थ होने के बाद लोग पुनः मंदिर के प्रांगण में स्थित तालाब में स्नान करने आते है और पूजा पाठ करते हैं।इस मेले में बिहार बंगाल उड़ीसा झारखंड से श्रद्धालु आते हैं।

डीएनबी भारत डेस्क

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