चिलचिलाती धूप में 7 साल की बच्चियों ने रखा रोजा, मुल्क में अमन-चैन की मांगी दुआ
डीएनबी भारत डेस्क

समस्तीपुर शहर के धरमपुर के रहने वाले मोहम्मद मुर्तज़ा की पोती आबिदा खातून और मरहूम मोहम्मद लैस साहब की पोती साबिका परवीन ने मात्र सात साल की उम्र में रमजानुल मुबारक का रोजा रखकर न सिर्फ नन्हे रोजेदारों को प्रेरित करने का काम किया बल्कि रोज़े की अहमियत को भी दर्शाने का काम किया है।
आबिदा और साबिका ने इस दौरान अपने परिजन के साथ पांचों वक्त की नमाजे अदा की और अल्लाह से क़ौम और मुल्क की खुशहाली, मुल्क में आपसी भाईचारा तथा अमन चैन की दुआ मांगी है. बतादें नन्हे रोज़ेदार अफरोज आलम पत्रकार और मोहम्मद शब्बीर अहमद की पुत्री हैं।
इधर रमजान का रोजा रखने पर आबिदा और साबिका के रिश्तेदारों, दोस्तों वगैरह ने बच्चे के रौशन मुस्तकबिल और लंबी उम्र की दुआएं दी हैं।
समस्तीपुर संवाददाता अफरोज आलम की रिपोर्ट