डीएनबी भारत डेस्क
समस्तीपुर रेल मंडल में मानव तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन आहट’ को एक बड़ी सफलता मिली है। आरपीएफ और सीआईबी की संयुक्त टीम ने समस्तीपुर स्टेशन से सात नाबालिग बच्चों को रेस्क्यू किया है। ये बच्चे जालंधर के खेतों में बंधुआ मजदूरी के लिए ले जाए जा रहे थे। पुलिस ने मौके से एक शातिर बाल तस्कर को भी गिरफ्तार किया है।

समस्तीपुर रेलवे स्टेशन पर बुधवार (18 फरवरी) को उस वक्त हड़कंप मच गया जब आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त टीम ने मानव तस्करी के एक बड़े प्रयास को विफल कर दिया। जानकारी के अनुसार, आरपीएफ पोस्ट समस्तीपुर के एएसआई शशिकांत तिवारी, सीआईबी के आकाश रंजन कुमार, जीआरपी के सिपाही गौरव कुमार और एवीए के शिव पूजन कुमार की टीम प्लेटफॉर्म संख्या 01 पर गश्त कर रही थी।
निगरानी के दौरान टीम जब मुसाफिरखाना (वेटिंग हॉल) के पास पहुंची, तो सुलभ शौचालय के समीप सात बच्चे अत्यंत डरे और सहमे हुए दिखाई दिए। पुलिस को उन पर शक हुआ और जब उनसे पूछताछ की गई, तो बच्चों ने पास में ही मौजूद एक व्यक्ति की ओर इशारा करते हुए बताया कि वह उन्हें जबरन मजदूरी के लिए बाहर ले जा रहा है।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि गिरफ्तार तस्कर, जिसकी पहचान सहरसा जिले के राजीव कुमार के रूप में हुई है, इन सभी बच्चों को जालंधर (पंजाब) ले जा रहा था। वहां उन्हें आलू के खेतों में मजदूरी के काम में झोंकने की योजना थी। रेस्क्यू किए गए सातों बच्चे (मौसम, पवन, बादल, बबलू, अभिनंदन, पंकज और आशीष) सहरसा और मधेपुरा जिले के रहने वाले हैं।
आरपीएफ ने सभी सात बच्चों को सुरक्षित बचाते हुए तस्कर राजीव कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। एवीए के सहायक परियोजना अधिकारी शिव पूजन कुमार की लिखित शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। फिलहाल गिरफ्तार आरोपी और बच्चों को आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए जीआरपी थाना समस्तीपुर के सुपुर्द कर दिया गया है।
समस्तीपुर संवाददाता अफरोज आलम की रिपोर्ट