एनटीपीसी बरौनी में भूकंप और गैस रिसाव पर मॉक ड्रिल, एनडीआरएफ और सीआईएसएफ ने दिखाई तत्परता

DNB Bharat Desk

एनटीपीसी बरौनी में गुरुवार को विभिन्न एजेंसियों के संयुक्त समन्वय से मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस अभ्यास का संचालन केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) अग्निशमन सेवा विंग द्वारा किया गया। ड्रिल का उद्देश्य औद्योगिक आपदा की स्थिति में विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय, त्वरित प्रतिक्रिया और संसाधनों की उपलब्धता की जांच करना था।

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अभ्यास में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) 9वीं बटालियन, राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ), बिहार अग्निशमन सेवा, बिहार पुलिस, जिला प्रशासन, आईओसीएल बरौनी, एचयूआरएल अग्निशमन दल तथा एनटीपीसी बरौनी अस्पताल की मेडिकल टीम सहित कई एजेंसियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में बीटीपीएस बरौनी के परियोजना प्रमुख जयदीप घोष सहित एनटीपीसी एवं सीआईएसएफ के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

एनटीपीसी बरौनी में भूकंप और गैस रिसाव पर मॉक ड्रिल, एनडीआरएफ और सीआईएसएफ ने दिखाई तत्परता 2मॉक ड्रिल की परिकल्पना रिक्टर स्केल पर 8 तीव्रता के भूकंप की काल्पनिक स्थिति पर आधारित थी। भूकंप के कारण प्लांट परिसर में संरचनात्मक क्षति, केमिकल प्लांट में क्लोरीन गैस रिसाव और विभिन्न स्थानों पर आग लगने की स्थिति दर्शाई गई।सीआईएसएफ फायर विंग के जवानों ने सबसे पहले घटनास्थल पर पहुंचकर सर्विस बिल्डिंग और अन्य स्थानों से फंसे कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाला। प्लांट कंट्रोल स्क्वॉड और फायर कंट्रोल रूम के समन्वय से सभी गेट सील कर आपात कार्रवाई शुरू की गई। 

एनटीपीसी बरौनी में भूकंप और गैस रिसाव पर मॉक ड्रिल, एनडीआरएफ और सीआईएसएफ ने दिखाई तत्परता 3छोटी एवं मध्यम स्तर की आग पर त्वरित नियंत्रण पाया गया, जबकि बड़े स्तर की आग पर फायर टेंडर और विशेष उपकरणों की मदद से काबू पाया गया। रेस्क्यू टीमों ने बीए सेट पहनकर सर्विस बिल्डिंग, एचटी/एलटी स्विच गियर रूम और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में खोज एवं बचाव अभियान चलाया। घायलों को प्राथमिक उपचार केंद्र ले जाकर आवश्यक चिकित्सीय जांच के बाद अस्पताल भेजा गया। 

एनटीपीसी बरौनी में भूकंप और गैस रिसाव पर मॉक ड्रिल, एनडीआरएफ और सीआईएसएफ ने दिखाई तत्परता 4ऊंचाई पर फंसे व्यक्ति को रेस्क्यू तकनीकों के माध्यम से सुरक्षित निकाला गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एनडीआरएफ टीम ने भी रासायनिक आपातकालीन उपकरणों के साथ गैस रिसाव नियंत्रण और संरचना के भीतर फंसे लोगों को निकालने का प्रदर्शन किया। अंत में “ऑल क्लियर” सायरन के साथ ड्रिल का समापन हुआ। अधिकारियों ने सभी एजेंसियों के समन्वित प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के अभ्यास वास्तविक आपदा की स्थिति में प्रभावी और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने में सहायक सिद्ध होते हैं।

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