राजगीर में अल्पसंख्यक मंत्रालय का ‘चिंतन शिविर’: मंत्री किरण रीजीजू बोले- विकसित भारत के लिए हर वर्ग का साथ जरूरी

DNB Bharat Desk
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केंद्रीय मंत्री किरण रीजीजू ने कहा कि राजगीर विश्वभर में एक पवित्र और आध्यात्मिक नगरी के रूप में प्रसिद्ध है। उन्होंने कहा कि बौद्धिक और आध्यात्मिक दृष्टिकोण से राजगीर का विशेष महत्व है और यह उनके लिए भी तीर्थस्थल के समान है क्योंकि वे स्वयं बौद्ध धर्म के अनुयायी हैं।

अल्पसंख्यक मंत्रालय के सभी अधिकारी राजगीर में आयोजित दो दिवसीय चिंतन शिविर में एकत्रित हुए हैं। इस शिविर का उद्देश्य देश के अल्पसंख्यक समुदायों के लिए चल रही योजनाओं और कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन पर मंथन करना है। मंत्री ने बताया कि इस बैठक में मंत्रालय की कार्ययोजना की समीक्षा की जाएगी और यह चर्चा होगी कि किस प्रकार योजनाओं को जमीनी स्तर पर और बेहतर तरीके से लागू किया जाए।

राजगीर में अल्पसंख्यक मंत्रालय का 'चिंतन शिविर': मंत्री किरण रीजीजू बोले- विकसित भारत के लिए हर वर्ग का साथ जरूरी 2उन्होंने कहा कि नई सोच और नए विचारों के साथ विभिन्न राज्यों से आए अधिकारी अपने अनुभव साझा करेंगे, जिससे आपसी तालमेल मजबूत होगा और कार्यों में गति आएगी। इस चिंतन शिविर में सभी अधिकारी एक-दूसरे के सुझाव सुनेंगे और मिलजुल कर कार्य करने की रणनीति बनाएंगे।मंत्री ने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए हर समुदाय की भागीदारी आवश्यक है। 

राजगीर में अल्पसंख्यक मंत्रालय का 'चिंतन शिविर': मंत्री किरण रीजीजू बोले- विकसित भारत के लिए हर वर्ग का साथ जरूरी 3उन्होंने बताया कि मंत्रालय मुस्लिम, ईसाई, सिख, बौद्ध, जैन और पारसी—इन छह अल्पसंख्यक समुदायों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। उनका उद्देश्य है कि समाज के हर वर्ग का समग्र विकास सुनिश्चित हो, तभी विकसित भारत का सपना साकार हो सकेगा। दरअसल केंद्रीय मंत्री दो दिवसीय चिंतन सिविल में भाग लेने के लिए राजगीर स्थित नालंदा विश्वविद्यालय पहुंचे थे.

डीएनबी भारत डेस्क

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