बिहार श्री के गोरक्षणी परिसर मे राष्ट्र रक्षा यज्ञ सह विराट हिन्दू सम्मेलन का किया गया आयोजन.हिन्दू संस्कृति और एकता का लगा महासंगम.दीप प्रज्वालित कर कार्यक्रम का हुआ उदघाटन.
डीएनबी भारत डेस्क
बिहार शरीफ के गौरक्षणी परिसर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में राष्ट्र रक्षा यज्ञ सह विराट हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस अवसर पर हिंदू संस्कृति, परंपरा और एकता का संगम देखने को मिला। सम्मेलन को संबोधित करते हुए पूज्य रामानुजाचार्य ने कहा कि वर्तमान समय में भारत में हिंदुओं की आबादी लगातार घट रही है।

उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज विश्व में कोई भी देश पूर्ण रूप से हिंदू राष्ट्र नहीं बचा है। नेपाल, जो पहले एकमात्र हिंदू राष्ट्र था, अब धर्मनिरपेक्ष देश बन चुका है। उन्होंने कहा कि भारत में संविधान तब तक सुरक्षित है, जब तक हिंदू बहुसंख्यक हैं। जिस दिन हिंदू अल्पसंख्यक हो जाएंगे, उस दिन न तो संविधान बचेगा और न ही देश की मूल पहचान सुरक्षित रहेगी।
उन्होंने जनसंख्या संतुलन, परिवार व्यवस्था और सामाजिक जिम्मेदारियों पर भी अपनी बात रखी तथा हिंदू समाज से अधिक जागरूक होने की अपील की। रामानुजाचार्य ने धर्मांतरण के मुद्दे को गंभीर बताते हुए कहा कि यह आज भारत के लिए एक बड़ी चुनौती बन चुका है। उन्होंने समाज से सतर्क रहने और इस विषय पर जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। वहीं सम्मेलन में उपस्थित महंत घनश्याम दास ने अपने संबोधन में कहा कि आज राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ एक सशक्त राष्ट्र निर्माण की दिशा में कार्य कर रहा है।
उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को आरएसएस की शाखाओं में अवश्य भेजें, जहां संस्कार, भाईचारा और राष्ट्रभाव की शिक्षा दी जाती है। उन्होंने शाखाओं को “आरएसएस रूपी मंदिर” की संज्ञा देते हुए कहा कि बच्चों को प्रतिदिन कम से कम एक घंटा वहां बिताना चाहिए।
डीएनबी भारत डेस्क