समस्तीपुर: ‘जिसका कोई नहीं उसके राजू सहनी’, हाड़ कंपाती ठंड में हजारों गरीबों के मसीहा बने युवा समाजसेवी

DNB Bharat Desk

समस्तीपुर जिले के उजियारपुर प्रखंड में वर्षों पुरानी एक कहावत है, “जिसका कोई नही होता, उसका भगवान होता है”, और आज इस कहावत को चरितार्थ कर दिखाया है, जिले के चर्चित दानवीर गरिवो का मसिहा युवा समाजसेवी उजियारपुर प्रखंड के भगवानपुर कमला गांव निवासी भाई राजू सहनी ने।

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समाजसेवी राजू सहनी ने अपने 04 दिवसीय कंबल वितरण समारोह के तहत शुक्रवार 23 जनवरी से लेकर 27 जनवरी की देर शाम करीब साढ़े आठ बजे तक जिला मुख्यालय सहित उजियारपुर प्रखंड क्षेत्र के दर्जनों गाँव के हजारों लोगों के बीच कंबल का वितरण कर दिया। इस दौरान उन्होंने प्रखंड भगवानपुर कमला पंचायत उजियारपुर, लखनीपुर महेशपट्टी, गावपुर, सातनपुर, पतैली पश्चिमी,पतैली पूर्वी, व बेलारी सहित करीब डेढ़ दर्जन पंचायत के लोगों के बीच स्टॉल लगाकर व गांव में जाकर भी कंबल का वितरण किया।

समस्तीपुर: 'जिसका कोई नहीं उसके राजू सहनी', हाड़ कंपाती ठंड में हजारों गरीबों के मसीहा बने युवा समाजसेवी 2रायपुर फील्ड में हजारों लोगों के बीच कंबल वितरण करने बाद समाजसेवी समस्तीपुर रेलवे स्टेशन पहुंचकर स्टेशन के बाहर इस हाड़ कंपाती ठंड में, मैले कुचैले कपड़े पहने लोगों के बीच कंबल का वितरण किया इस दौरान उन्होंने समस्तीपुर रेलवे स्टेशन के अलावे बस पड़ाव व सड़क किनारे, इस ठंड से ठिठुर रहे सैकड़ों गरीब व असहाय लोगों के बीच भी युवा समाजसेवी भाई राजू सहनी ने कंबल का वितरण किया। इस दौरान स्टेशन परिसर में ट्रेन का ईंतजार कर रहे लोगों का बताना था कि, इतनी सर्द रात में रेलवे स्टेशन, बस पड़ाव तथा मंदिर के आसपास गरीब, निर्धन व असहायों के बीच कंबल का वितरण करना अपने-आप में एक साहसिक कदम है।

समस्तीपुर: 'जिसका कोई नहीं उसके राजू सहनी', हाड़ कंपाती ठंड में हजारों गरीबों के मसीहा बने युवा समाजसेवी 3अक्सर लोग रात को जिस समय ठंड से बचने के लिए अपने घरों में दुबके रहते हैं! ऐसी परिस्थिति में असहायों की सुधि लेना मात्र ही सबसे बड़े पुण्य का काम है। बहूत कम ऐसे समाजसेवी अभी इस दुनियां में हैं, जो गरीबों का दुख-दर्द जानने के लिए अपने घरों से रात के समय बाहर निकलते हैं। कंबल वितरण के दौरान समाजसेवी राजू सहनी ने कहा कि, गरीबों व असहायों की मदद करना उनकी नियती में शामिल है। इसलिए उनसे जितना संभव हो सकेगा वह गरीबों व असहायों को ठंड से बचाने के लिए कंबल वितरण करते रहेंगे। इसलिए वह विगत 10 सालों से प्रत्येक वर्ष सार्वजनिक स्थलों पर घूम-घूम कर जरूरतमंद गरीब व निर्धन लोगों के बीच गर्म कपड़े व कंबल का वितरण कर रहे हैं।

समस्तीपुर: 'जिसका कोई नहीं उसके राजू सहनी', हाड़ कंपाती ठंड में हजारों गरीबों के मसीहा बने युवा समाजसेवी 4समाजसेवी राजू सहनी के द्वारा किए जा रहे इस कंबल वितरण को स्थानीय लोगों ने भी काफी सराहा, और इसे सराहनीय कदम बताया। स्थानीय लोगों ने कहा कि, जिसका कोई सहारा नहीं होता, उसका भगवान ही सहारा होता है, और इस हाड़ कंपाती ठंड में गरीबों, असहायों तथा फुटपाथ पर अपनी जिंदगी गुजर बसर करने वाले लोगों के लिए, राजू सहनी किसी भगवान से कम भी नही हैं। एक ओर जहां इस ठिठुरती ठंढ मे रजाई व कम्बल के भीतर से लोग निकलना नही चाहते हैं, और रजाई कंबल तानकर अपने अपने घरों में लोग सो जाते है,

समस्तीपुर: 'जिसका कोई नहीं उसके राजू सहनी', हाड़ कंपाती ठंड में हजारों गरीबों के मसीहा बने युवा समाजसेवी 5वहीं दुसरी ओर गरीब व फुटपाथ पर गुजर बसर करने वाले लोगों की जिंदगी कैसे गुजरती होगी वही जानते हैं, जो एक मात्र साधारण चादर के सहारे इस कड़कती ठंढ की रात गुजारते है।इस क्रार्यक्रम में जयराम सहनी लखनीपुर महेशपट्टी पंचायत के मुखिया भाई जान श्री राम सहनी उमा सहनी कपिल पासवान रोशन ठाकुर नरेश पासवान विष्णु सहनी राजेश सहनी जितेंद्र कुमार आदि मौजूद रहे

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