बछवाड़ा में चौकीदार की अनूठी पहल: मकर संक्रांति पर 51 गरीबों के बीच बांटे कम्बल और चादर

DNB Bharat Desk

बछवाड़ा | चौकीदार ने कायम की मिसाल, ठंड में गरीब व निसहाय लोगों के बीच 51 कंबलों का वितरण किया गया. कम्बल वितरण के दौरान तेघड़ा पुलिस इंस्पेक्टर संतोष कुमार,अंचल निरीक्षक निर्भय कुमार, बछवाड़ा थानाध्यक्ष परेंन्द्र कुमार समेत पुलिस बल मौजूद थे.कड़ाके की ठंड के बीच मानवता और सामाजिक जिम्मेदारी की एक सराहनीय मिसाल सामने आई है.

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जहां बछवाड़ा थाना क्षेत्र के एक चौकीदार ने अपने स्तर से पहल करते हुए गरीब, असहाय और जरूरतमंद लोगों के बीच 51 कंबलों का वितरण किया. इस नेक कार्य से न केवल जरूरतमंदों को ठंड से राहत मिली, बल्कि समाज में सकारात्मक संदेश भी गया. बताते चलें कि बछवाड़ा थाना क्षेत्र के दादुपुर पंचायत के भगवानपुर दियारे निवासी चौकीदार रतन पासवान व उसकी धर्मपत्नी विभा कुमारी के द्वारा मकर संक्रांति के अवसर पर 51 गरीब नि:सहाय लोगों के बीच कम्बल का वितरण किया. चौकीदार ने बताया कि पिछले कई दिनों से ठंड लगातार बढ़ रही है.

बछवाड़ा में चौकीदार की अनूठी पहल: मकर संक्रांति पर 51 गरीबों के बीच बांटे कम्बल और चादर 2ठंड के कारण सबसे अधिक परेशानी गरीब, बेघर और असहाय लोगों को हो रही है, जो खुले आसमान के नीचे या कच्चे मकानों में जीवन यापन करने को मजबूर हैं. वैसे लोगों के बीच कम्बल का वितरण करना नेक कार्य है. कम्बल वितरण समारोह का आयोजन दादुपुर पंचायत के श्रवणटोल दियारे चौकीदार के घर पर किया गया. वही कम्बल पाकर गरीब व नि:सहाय लोगों के चेहरे पर मुस्कान नजर आ रहा था. कई लोगों ने कहा कि इस कड़ाके की ठंड में यह कंबल उनके लिए किसी वरदान से कम नहीं है. वही समाजसेवी विभा कुमारी ने कहा कि समाज में हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है कि वह अपने आसपास के जरूरतमंद लोगों की मदद करे. उन्होंने कहा कि अगर हम सभी थोड़ा-थोड़ा सहयोग करें,

बछवाड़ा में चौकीदार की अनूठी पहल: मकर संक्रांति पर 51 गरीबों के बीच बांटे कम्बल और चादर 3तो किसी को भी ठंड या भूख से परेशान नहीं होना पड़ेगा. उनका कहना था कि सरकारी योजनाओं के साथ-साथ समाज की सहभागिता भी बहुत जरूरी है.स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने चौकीदार की इस पहल की जमकर सराहना की. लोगों ने कहा कि एक साधारण पद पर रहते हुए भी चौकीदार ने बड़ा दिल दिखाया है और यह साबित किया है कि सेवा का भाव पद या पैसे का मोहताज नहीं होता. इस कार्य से अन्य लोगों को भी प्रेरणा मिलेगी और वे आगे आकर जरूरतमंदों की मदद करेंगे.चौकीदार की यह पहल यह संदेश देती है कि इंसानियत आज भी जिंदा है और थोड़ी सी कोशिश से किसी की जिंदगी में बड़ी राहत लायी जा सकती है.

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