डीएनबी भारत डेस्क
नालंदा के जनता दल (यूनाइटेड) सांसद कौशलेंद्र कुमार ने कार्यकर्ताओं के साथ अपना 67 वां जन्मदिन मनाया। इस अवसर पर जदयू कार्यकर्ताओं ने उन्हें पुष्प गुच्छ और अंगवस्त्र भेंट कर जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद रहे।

जन्मदिन समारोह के बाद सांसद कौशलेंद्र कुमार ने राजनीतिक मुद्दों पर भी अपनी बात रखी। पूर्व केंद्रीय मंत्री और कभी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के करीबी रहे रामचंद्र प्रसाद सिंह (आरसीपी सिंह) के जदयू में शामिल होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि आरसीपी सिंह एक बड़े और अनुभवी नेता हैं। अगर वे जदयू में आना चाहते हैं तो उनका स्वागत किया जाएगा और पार्टी इसका विरोध नहीं करेगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जदयू में किसी भी बड़े नेता के शामिल होने का अंतिम फैसला पार्टी के सर्वमान्य नेता और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के हाथ में है। नीतीश कुमार की अनुमति और आदेश के बिना आरसीपी सिंह का जदयू में शामिल होना संभव नहीं है। यदि मुख्यमंत्री स्वयं आरसीपी सिंह को पार्टी में शामिल करते हैं, तो सभी जदयू कार्यकर्ता उनका स्वागत करेंगे। वहीं, मुंबई में मराठी और हिंदी भाषा को लेकर चल रहे विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए सांसद कौशलेंद्र कुमार ने कहा कि हिंदी भाषा हर राज्य में अनिवार्य है।
उन्होंने कहा कि चाहे राज ठाकरे हों या कोई और, हर राज्य में हिंदी पढ़ाई जाती है और 100 अंकों की हिंदी विषय की व्यवस्था है। हिंदी से महाराष्ट्र के लोगों को कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ नेता केवल राजनीतिक लाभ के लिए इस तरह के बयान देते रहते हैं। कौशलेंद्र कुमार ने कहा कि आज हिंदी देश के हर राज्य में बोली और पढ़ी जाती है। हिंदी हमारी राष्ट्रभाषा है और पूरे देश के लोग हिंदी का प्रयोग करते हैं।
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