किसानों की चेतावनी बौद्ध सर्किट रोड होगा ठप.
डीएनबी भारत डेस्क
नूरसराय अहियापुर सिलाव होते हुए राजगीर बौद्ध सर्किट रोड का निर्माण कार्य जहाँ एक ओर युद्धस्तर पर चल रहा है,वहीं सिलाव नगर पंचायत के भुई रोड के पास यह परियोजना अब गंभीर विवादों में घिरती नजर आ रही है। दरअसल इस सड़क निर्माण के लिए करीब 100 किसानों की लगभग 25 बीघा उपजाऊ और आवासीय भूमि अधिग्रहित की जा रही है।

किसानों का आरोप है कि सरकार उन्हें जमीन के बदले लगभग 83 हजार रुपये प्रति डिसमिल का मुआवजा दे रही है, जबकि सरकारी दर के अनुसार जमीन की कीमत 4 लाख 90 हजार रुपये प्रति डिसमिल तय है। सरकारी रेट में भारी कटौती से नाराज़ सैकड़ों किसान अब खुलकर सड़क पर उतर आए हैं। इलाके में जगह-जगह किसान विरोध प्रदर्शन के बैनर लगाए गए हैं और निर्माण कार्य को लेकर जबरदस्त आक्रोश देखने को मिल रहा है।
किसानों का साफ कहना है कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर जल्द विचार नहीं किया, तो वे बौद्ध सर्किट रोड परियोजना को पूरी तरह ठप कर देंगे। किसानों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी आवाज अनसुनी की गई, तो वे आत्मदाह जैसा कठोर कदम उठाने को भी मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार और उसके प्रतिनिधियों की होगी।
गौरतलब है कि इसी योजना की आधारशिला 5 अगस्त 2025 को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रखी थी। जिसमे 862.63 करोड़ रूपये खर्च होंगे.एक तरफ राज्य सरकार किसान फार्म रजिस्ट्री के माध्यम से किसानों को स्वावलंबी बनाने की बात कर रही है, वहीं दूसरी ओर उचित मुआवजा न देकर किसानों पर दोहरी नीति अपनाने का आरोप लग रहा है।
किसानों ने यह भी स्पष्ट किया है कि अगर कोई व्यक्ति या एजेंसी इस आंदोलन को दबाने या निर्माण कार्य में जबरन हस्तक्षेप करने की कोशिश करेगी, तो उसका कड़ा विरोध किया जाएगा। अब बड़ा सवाल यह है किक्या सरकार किसानों की पीड़ा सुनेगी? या विकास की इस राह में किसानों की जमीन और अधिकार कुचल दिए जाएंगे?
डीएनबी भारत डेस्क