बछवाड़ा के गीता धाम फतेहा के महंथ श्री श्री 108 श्री राम सुमिरन दास जी महाराज का निधन

DNB Bharat Desk

बछवाड़ा प्रखंड के गीता धाम फतेहा के महंथ श्री श्री 108 श्री राम सुमिरन दास जी महराज का देहांत रविवार को हृदयगति रूक जाने के कारण हो गया। वे करीब 80 वर्ष के थे। वे कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे । उनके निधन की खबर से फतेहा गांव समेत इलाके में मातम छा गया। मौत की खबर सुनते ही इलाके के भारी संख्या में लोगो का हुजूम फतेहा गांव गीता धाम पहुंचने लगा। कुछ ही समय में लोगों की भीड़ जमा हो गयी।

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सभी श्रद्धालु अपने नमः आंखों से अपने गुरूदेव का अन्तिम दर्शन कर रहे थे। ग्रामीणों ने बताया कि रविवार सुबह स्वयं उठकर नित्य क्रम के उपरांत पूजा पाठ किए। कुछ देर के उपरांत उनकी सांस फुलने लगी, जिसके बाद उन्हें आनन फानन में बेगूसराय अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बताते चलें कि बाबा राम सुमिरन दास जी महराज 12 वर्ष की उम्र में फतेहा ठाकुरवाड़ी में आए और उस समय के तत्कालीन महंथ राम रतन दास जी महराज के शिष्य बन गये। वर्ष 1977 में महंथ राम रतन दास जी महराज के देहांत हो जाने के उपरांत करीब 18 वर्ष की उम्र में उन्हें दर्जनों ठाकुरवाड़ी के महंथ के समक्ष फतेहा ठाकुरवाड़ी का महंथ बनाया गया।

बछवाड़ा के गीता धाम फतेहा के महंथ श्री श्री 108 श्री राम सुमिरन दास जी महाराज का निधन 2जिसके बाद राम सुमिरन दास जी महराज के द्वारा पदभार ग्रहण करने के उपरांत फतेहा ठाकुरवाड़ी को सुसज्जित रूप से निर्माण करते हुए गीता धाम के नाम से प्रचलित किया। साथ ही उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान भारत ही नहीं बल्कि विदेशों में भी अपना शिष्य बनाए। जो शिष्य गुरू पूर्णिमा के अवसर पर फतेहा गीता धाम पहुंचकर गुरू दर्शन,पूजा पाठ के साथ साथ आशिर्वाद लेने पहुंचते रहते थे। उन्होंने सनातन धर्म की स्थापना को लेकर भारत के विभिन्न जगहें चित्रकूट, मध्य प्रदेश, अयोध्या, रांची, बोकारो, टाटा, छपड़ा, दरभंगा समेत करीब तीन दर्जन से अधिक मठ मंदिर का निर्माण कराया। इसी दौरान वर्ष 2011 में इन्हें सिमरिया अर्धकुम्भ के दौरान महा मंडलेश्वर की उपाधि दी गयी। ग्रामीणों ने बताया कि विगत वर्ष प्रयाग राज्य में मंहा कुंभ के दौरान अपने शिष्य व फतेहा गीता धाम में मंहथ के रूप में आत्मा दास जी महराज की घोषणा किए थे।

बछवाड़ा के गीता धाम फतेहा के महंथ श्री श्री 108 श्री राम सुमिरन दास जी महाराज का निधन 3ग्रामीणों ने बताया की फतेहा गीता धाम ठाकुरवाड़ी के मंहथ ने हमलोगों के बीच अपना इच्छा प्रकट करते हुए कहा था कि हमारी मौत के उपरांत हमारे शरीर का ना तो समाधि बनाना और ना ही गंगा में शरीर समेत प्रवाह करना। हमारी इच्छा है कि हमारे शरीर का दाह संस्कार काशी विश्वनाथ के चरणों में गंगा तट पर करना। उनके अन्तिम संस्कार को लेकर ग्रामीणों के अनुसार उनके शिष्य उनके अनुयाई समेत विभिन्न मठ के महंथ को सूचना दी गयी है। ग्रामीणों ने बताया कि महंथ जी के पार्थिक शरीर को सोमवार को पुरे गांव में भ्रमण के बाद विद्यापति थाना क्षेत्र के शेरपुर गांव जायगा उसके बाद शाम तक सभी शिष्य, गुरु भाई एवं मंहथ की उपस्थिति में उनके पार्थिव शरीर को काशी विश्वनाथ ले जाया जाएगा।

 बछवाड़ा के गीता धाम फतेहा के महंथ श्री श्री 108 श्री राम सुमिरन दास जी महाराज का निधन 4जहां उनका अन्तिम संस्कार किया जाएगा। उनके निधन के बाद अंतिम दर्शन के लिए स्थानीय विधायक सह पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग के मंत्री सुरेन्द्र मेहता,जिला परिषद सदस्य मनमोहन महतो,पूर्व जिला परिषद् बलराम सिंह,मुखिया उषा देवी,भाजपा नेता सुमन चौधरी,संजय कृष्ण,चन्दन चौधरी,राम नरेश चौधरी,धीरज चौधरी,रेवती रमण,बबलू मिश्र,प्रिस कुमार. नंदन चौधरी समेत इलाके के समाजसेवी राजनितिक दल के कार्यकर्त्ता समेत दर्जनों की संख्या में साधू संत मौजूद थे।

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