महिलाओं ने इतिहास में हर क्षेत्र में अपनी छाप छोड़ी है, चाहे वह शिक्षा हो, राजनीति हो, विज्ञान हो या खेल का मैदान – डॉ अंजुम वारिस

DNB Bharat Desk

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मौलाना मजहरूल हक शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय समस्तीपुर में अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर “सेमिनार” एवं “परिचर्चा” का आयोजन किया गया ।  इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ अंजुम वारिस ने अपने संबोधन में इस महिला दिवस पर बोलते हुए कहा कि इसका उद्देश्य महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना और उन्हें सम्मान देना है ।

महिलाओं ने इतिहास में हर क्षेत्र में अपनी छाप छोड़ी है, चाहे वह शिक्षा हो, राजनीति हो, विज्ञान हो या खेल का मैदान - डॉ अंजुम वारिस 2महिलाओं ने इतिहास में हर क्षेत्र में अपनी छाप छोड़ी है, चाहे वह शिक्षा हो, राजनीति हो, विज्ञान हो या खेल का मैदान। महाविद्यालय के सचिव मो० अबू सईद ने कहा कि दुनिया भर में हर साल 8 मार्च का दिन अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के रूप में मनाया जाता है. महिलाओं की आर्थिक, राजनीतिक, सामाजिक सहित विभिन्न क्षेत्रों में भागीदारी बढ़ाने और अधिकारों के प्रति जागरूक बनाने के लिए अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है. इसके साथ ही इस दिवस को मनाने के पीछे एक कारण विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय महिलाओं के प्रति सम्मान प्रकट करना भी है ।

  महिलाओं ने इतिहास में हर क्षेत्र में अपनी छाप छोड़ी है, चाहे वह शिक्षा हो, राजनीति हो, विज्ञान हो या खेल का मैदान - डॉ अंजुम वारिस 3इस अवसर अन्य लोगों के अलावा प्राध्यापक अशोक कुमार अकेला, डॉ० रंजीता कुमारी, रंजना कुमारी, डॉ दीपा गुप्ता, इशराक आलम, डॉ० आशीष कुमार, स्वाति कुमारी, सकीना बानो, विकास मिश्रा, डॉ० सेराज अहमद, मो० नज़ीर, शशि कुमार, गौतम गोविन्द, प्रमोद कुमार सिंह, राम शंकर राय, रंजन कुमार, अवधेश कुमार आदि ने भी अपने-अपने विचार व्यक्त किए । छात्रध्यापक ट्विंकल कुमारी, राकेश कुमार महतो, सुमित कुमार, किशलय कुमार, स्नेहसुधा भारती, खुशबू कुमारी, राहुल कुमार, रानी प्रवीण आदि ने भाग लिया ।

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