ज्ञान, विज्ञान, अनुसंधान, कृषि और कला की धरती बिहार प्रतिभा की खान है – श्रीमति रेणुका सिंह

DNB Bharat Desk

समस्तीपुर:शहर के बायपास स्थित निजी होटल के सभागार में युवा उद्यमी समाजसेवी निशिकांत सिन्हा कुशवाहा की जनसंपर्क पदाधिकारी श्रीमति रेणुका सिंह ने एक प्रेस वार्ता आयोजित की। जिसमे निशिकान्त सिन्हा के कार्यक्रम और उद्देश्य की जानकारी दी। इस दौरान उन्होंने कहा कि ज्ञान, विज्ञान, अनुसंधान, कृषि और कला की धरती बिहार प्रतिभा की खान है। इसके बावजूद पूरे देश में अपना यह प्रदेश अपने पिछड़ेपन के कारण सिर्फ श्रम और प्रतिभा का आपूर्तिकर्ता राज्य बन कर रह गया है। बिहार की माटी से कई कामयाब लोग निकले हैं, उद्योगपति, अफसर, नेता, अभिनेता लेकिन बहुत कम लोग अपनी माटी का कर्ज उतारने के लिए बिहार लौट कर आते हैं और यहां के लिए कुछ करना चाहते हैं।

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ज्ञान, विज्ञान, अनुसंधान, कृषि और कला की धरती बिहार प्रतिभा की खान है - श्रीमति रेणुका सिंह 2कहते हैं न की लहू को लहू पुकार ही लेता है इसी प्रकार अपने माटी की खुश्बू अपने बेटों को खींच ही लेती है। ऐसे ही लोगों में एक हैं निशिकांत सिन्हा कुशवाहा है। उन्होंने आगे मीडिया को बताया कि जिनका दिल अपनी धरती बिहार के लिये धड़कता है। वे न केवल एक सफल उद्योगपति हैं, बल्कि समाज सेवा के प्रति पूरी तरह समर्पित और नयी पीढी के लिए एक प्रेरणादायक व्यक्तित्व भी हैं। बिहार की माटी में पले-बढ़े  सिन्हा ने शून्य से शिखर तक का सफर तय किया है। उनका उद्देश्य है कि हर हाथ में रोजगार, हर बच्चे को शिक्षा, और हर परिवार को सम्मान दिला कर आत्मनिर्भर करना है। पिता स्व. शशिकांत महतो और दादा स्व. बिंदा महतो के विचारों से प्रभावित हैं और बचपन से ही शिक्षा, गरीबी, और बेरोजगारी के समाधान पर विचार करते रहे हैं।

ज्ञान, विज्ञान, अनुसंधान, कृषि और कला की धरती बिहार प्रतिभा की खान है - श्रीमति रेणुका सिंह 3दिल्ली से कैरियर की शुरुआत की। पढ़ाई के दौरान एचआर जॉब कंसल्टेंसी की शुरुआत की। हजारों युवाओं को प्राइवेट और मल्टीनेशनल कंपनियों में नौकरी दिलाई। यहीं से उनकी समाज सेवा की यात्रा ने रफ्तार पकड़ी। गुजरात के बड़ोदरा को अपनी पहला कर्मभूमि बनाया। जहां से आईटी सेक्टर में अपनी सुक्ष्म सूझ और अद्भुत प्रतिभा कौशल से देश-दुनिया में बिहार का नाम रोशन किया। इन सफलताओं के बीच समाज के प्रति जिम्मेदारी को उन्होंने हमेशा प्राथमिकता दी। समाज के गरीब बच्चों को गोद लेकर उन्हें बेहतर शिक्षा दिलाई। दिल्ली और कोटा जैसे शहरों में उन्हें यूपीएससी, आईआईटख, और नीट आदि परिक्षाओं की तैयारी करवाई और वे बच्चे आज डॉक्टर, इंजीनियर, और प्रशासनिक अधिकारी बनकर नई पीढी को प्रेरणा दे रहे हैं।पीआरओ रेणुका सिंह ने कहा कि निशिकांत जी गरीब छात्रों के लिए विशेष छात्रावास और धर्मशालाओं का निर्माण भी करवाया है।

ज्ञान, विज्ञान, अनुसंधान, कृषि और कला की धरती बिहार प्रतिभा की खान है - श्रीमति रेणुका सिंह 4सम्राट अशोक और चंद्रगुप्त मौर्य के वंशज कुशवाहा समुदाय से आने वाले  निशिकांत का मानना है कि विकास में जिसकी जितनी भागीदारी, उसकी उतनी हिस्सेदारी मिलनी ही चाहिए। इसी लिए वे बिहार को आत्मनिर्भर राज्य बनाने और सबको उसके हिस्से की भागीदारी दिलाने के लिए जगाने की कोशिश कर रहे हैं। इसी क्रम में उन्होंने हर जिले में जन आशीर्वाद संवाद सभा की शुरुआत की है और इस बदलाव के अभियान का शंखनाद वे 22 दिसंबर 2024 रविवार को सुबह ग्यारह बजे से पटेल मैदान समस्तीपुर से करेंगे। इसके बाद 24 दिसंबर को दोपहर 12 बजे से कोशी कॉलेज मैदान खगडिया में जन संवाद सभा करेंगे। यह केवल एक कार्यक्रम नहीं, स्वावलंबी समाज और आत्मनिर्भर राज्य के विकास की नई शुरुआत है। यह सिर्फ एक आयोजन नहीं, समाज के अधिकारों और बदलाव की शुरुआत है। इस आयोजन की सफलता में आप सभी मीडिया के साथियों का सहयोग अपेक्षित है।

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