डीएनबी भारत डेस्क
कैमूर जिले के मोहनिया प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय बरेज में लगे चापाकल से निकलने वाले पानी से दुर्गंध आने के साथ-साथ पानी को किसी गिलास या बोतल में रखने पर थोड़े ही देर में पानी का रंग पीला हो जा जाता है। ऐसे में शिक्षक और छात्र बाहर से पानी पीने को मजबूर है।
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विद्यालय के छात्र वाहिद ने जानकारी देते हुए बताया कि स्कूल में जो चापाकाल लगा है उसके पानी से दुर्गंध आता है। पानी बोतल में रखने पर पीला हो जाता है, बीमारी के खतरे कारण हम लोग पानी नहीं पी रहे हैं। मोहनिया एसडीएम राकेश कुमार सिंह ने कहा कि इस मामले में तत्काल पीएचईडी विभाग को कहा गया है जल्द ही समस्या दूर की जाएगी।
कैमूर से देवव्रत तिवारी
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