स्वास्थ्य कर्मियों की मांग जायज है उनकी मांगों को सरकार के समक्ष मजबूत ढंग से रखूंगा- तेघड़ा विधायक

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प्रोत्साहन राशि नहीं मानदेय चाहिए – स्वास्थ्य कर्मी

डीएनबी भारत डेस्क 

बुधवार को स्थानीय विधायक रामरतन सिंह ने समुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बरौनी परिसर में बीते बुधवार से स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा किए जा रहे अनिश्चितकालीन हड़ताल में शामिल हुए 102 एम्बुलेंस कर्मचारी, कुरियर, आशा कार्यकर्ता, आशा फैसलीटेटर की मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया।

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स्वास्थ्य कर्मियों की मांग जायज है उनकी मांगों को सरकार के समक्ष मजबूत ढंग से रखूंगा- तेघड़ा विधायक 2

उन्होंने उपस्थित आशा कार्यकर्ता, आशा फैसलीटेटर, 102 एम्बुलेंस कर्मचारी एवं कुरियर को संबोधित करते हुए कहा कि आपकी मांगे जायज है हम विधानसभा सत्र के दौरान सरकार के समक्ष मजबूत ढंग से रखेंगे और आपकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने के हर सम्भव प्रयास करेंगें।

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आशा फैसलीटेटर सह आशा कार्यकर्ता संघ के नेतृत्वकर्ता नीलम झा ने स्थानीय विधायक सह सचेतक सत्तारूढ़ दल रामरतन सिंह से अपनी मांगों को विस्तार पूर्वक रखते हुए कहा कि हम विगत 2007 से आशा कार्यकर्ता के तौर पर कार्य कर रहे हैं और हमें इसके बदले प्रोत्साहन राशि दी जाती है।

हमें अपने काम के बदले प्रोत्साहन राशि नहीं मानदेय चाहिए और आशा फैसलीटेटर को सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाय तथा आशा कार्यकर्ता की बहाली में आयु सीमा 18-65 वर्ष किया जाए। इसके अलावा 14 सूत्री मांगों से भरी मांग पत्र को स्थानीय विधायक रामरतन सिंह को सौंपी।

वहीं कुरियर संघ बरौनी द्वारा अपनी मांगों को रखते हुए कहा कि हम विगत 2005 से नियमित टीकाकरण में कोरियर के तौर पर कार्य कर रहे हैं। हमें नियमित करते हुए स्वास्थ्य कर्मी का दर्जा दिया जाय। सभी प्रकार की सुविधाएं जो एक नियमित कर्मियों को मिलती है उस प्रकार ही टीकाकरण कोरियर को दिया जाए।

वहीं दूसरी ओर 102 एम्बुलेंस कर्मचारी संघ बेगूसराय के बैनर तले विगत गुरुवार से शुरू हुए अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों ने स्थानीय विधायक रामरतन सिंह से कहा कि हमें सरकार एवं कम्पनी दोनों के स्तर से भयादोहन किया जाता है। हमारी लम्बित माह मई एवं जून 23 का मानदेय, 18 माह का ईपीएफ, ईएसआई, विगत 5 वर्षों का बोनस आदि नहीं दिया गया है।

सरकार में बैठे हुए लोग गम्भीरता पूर्वक नहीं लेते हैं हमारी मांगों को। हमें अबतक नहीं दिया गया सरकार के श्रम अधिनियम के तहत मानदेय, हमसे 8 घंटे की ड्यूटी के बदले 12 घंटे काम लिया जाता है और इसके बदले हमें कोई अतिरिक्त राशि नहीं दी जाती है। हमारे द्वारा किए गए कार्य दिवस में से भी कटौती कर मानदेय का भुगतान किया जाता है।

सरकार इसे गम्भीरता पूर्वक ले और 102 एम्बुलेंस कर्मचारी को श्रम अधिनियम के तहत मानदेय का भुगतान हो 12 घंटे की जगह 8 घंटे की ड्यूटी लगाई जाई वह भी रोस्टरों के अनुसार। नियंत्रित अधिकारियों द्वारा कर्मचारियों का भयादोहन किया जाना बन्द हो और उनके मनमाने की दुकान पर ताला लगाया जाए।

मालूम हो कि स्वास्थ्य विभाग की मूल कार्य-योजना में शामिल आवश्यक सेवाओं में सुरक्षित व संस्थागत प्रसव, जच्चा-बच्चा दोनों का देखभाल, जन्म के तुरंत बाद से ही दी जाने वाली पहली नियमित टीका, नियमित टीकाकरण, टेलीमेडिसिन, ग्रीन चैनल, सबसे महत्वपूर्ण 102 एम्बुलेंस सेवा प्रदान करना, जनसंख्या स्थिरीकरण पखवाड़ा, बाल जननीं सुरक्षा योजना, उत्प्रेरण, स्वास्थ्य विभाग में केन्द्र और राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही सभी योजनाओं को धरातल पर उतारने जैसी सभी महत्वपूर्ण कार्य पर हड़तालियों द्वारा ताला जड़ दिया गया है।

इसके संबंध में कहा जाता है कि प्रसुताओं, सामान्य मरीजों, आउटडोर एवं इनडोर मरीजों, आवश्यक सेवा, टीवी, एमडीटी दवा के रोगी, फाइलेरिया, उच्च रक्तचाप, मधुमेह के नियमित मरीजों का अस्पताल से सम्पर्क आशा कार्यकर्ता एम्बुलेंस कर्मचारी एवं कुरियरों के नहीं रहने से टूट गया है। वहीं इस संबंध में जानकारी देते हुए हड़तालियों ने बताया कि पीएचसी बरौनी में कार्यरत 102 एम्बुलेंस कर्मचारी संघ भी अपने संघ के आह्वान पर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे हुए हैं।

तथा हड़तालियों को बल देते हुए नियमित टीकाकरण कुरियर द्बारा भी सहयोग दिया जा रहा है।तथा इसी प्रकार आशा कार्यकर्ता एवं आशा फैसिलिटेटर बुधवार से राज्य संघ के आह्वान पर अपनी विभिन्न मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। जिससे अस्पताल परिसर में सन्नाटा पसरा हुआ है। वहीं इस दौरान पीएचसी परिसर में सभी आशा धरना प्रदर्शन करते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे।

वहीं आशा संघ बरौनी सचिव वैदेही कुमारी एवं अध्यक्ष नीलम झा ने बताया कि सरकार आशा एवं आशा फैसिलिटेटर को कम से कम दस हजार रुपए मासिक भत्ता, वैश्विक महामारी कोवीड -19 काल में किए गए कार्य के लिए दस हजार रुपया भत्ता, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, सेवानिवृत्त के उपरांत दस लाख रुपया भुगतान करने सहित अन्य मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल किया गया है। जब तक हमारी मांगे पूरी नहीं होती है तब हड़ताल जारी रहेगा।

मौके पर एम्बुलेंस कर्मचारी मो अशदुललाह, मो चांद बाबू, मनोज कुमार, मुकेश पासवान, लालाबाबू पासवान, संजीव कुमार, नियमित टीकाकरण कोरियर, मो नौशाद खां, मो दीन, अमन कुमार, दिवाकर राय, मुकेश कुमार, रामविनय कुमार, आनन्द कुमार, राम सुजन कुमार, रामनिरंजन राय, बबीता कुमारी, रंजू कुमारी, संगीता कुमारी, आभा सिन्हा,अनिता देवी, आशा द्रोपदी देवी, पिंकू कुमारी, सोनामणी कुमारी, रुबी कुमारी, रुपम कुमारी, माला कुमारी, रेणु देवी, रुबी देवी, नीतू कुमारी, निशा कुमारी, मीना देवी, अनिता शर्मा, सुबोध देवी, पिंकी कुमारी, गुड़िया कुमारी, चन्दन कुमारी, पवन कुमारी, गिरजा साह, मंजु कुमारी, रिंकु कुमारी, सुशीला देवी,
अंजू कुमारी, हीरा कुमारी, रेखा कुमारी, मरणी देवी, जुली कुमारी, उषा कुमारी सहित अन्य मौजूद थे।

बेगूसराय बीहट संवाददाता धर्मवीर कुमार 

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