‘हल्का-हल्का सुरूर है’ गीत पर झूम उठा पंडाल, देवी ने बांधा समां।
डीएनबी भारत डेस्क

जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर की निर्वाणस्थली पावापुरी में आयोजित पावापुरी महोत्सव की सांस्कृतिक संध्या में भोजपुरी लोक गायिका देवी ने अपनी सुरीली आवाज से दर्शकों को देर रात तक झूमने पर मजबूर कर दिया।
शुरुआत में खाली कुर्सियों वाला पंडाल देखते ही देखते खचाखच भर गया। देवी ने ‘ये जो हल्का-हल्का सुरूर है’ गीत से महफिल सजाई तो दर्शक झूम उठे। इसके बाद ‘जब आई होली-दिवाली’ और ‘नाच के डिमांड बाटे’ जैसे गीतों पर खूब तालियां बजीं। उन्होंने छठ गीत ‘जोड़े-जोड़े फलवा’ से प्रस्तुति की शुरुआत की।
इससे पहले कलाकारों ने छठ गीत, भगवान महावीर के जीवन पर आधारित नृत्य और भजन प्रस्तुत कर माहौल को भक्तिमय बनाया। पूरी शाम भक्ति, अध्यात्म और भोजपुरी लोक संगीत के नाम रही।
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