डीएनबी भारत डेस्क
हरतालिका तीज को लेकर सुबह से देर शाम तक बाजारों में महिलाये पूजा की तैयारियों में व्यस्त दिखाई दी। सुहागिन महिलाओं ने पति की लंबी उम्र, अखंड सौभाग्य और सुखी दांपत्य जीवन की कामना को लेकर निर्जला व्रत रखा।
वहीं अविवाहित युवतियों ने भी मनचाहे जीवनसाथी की प्राप्ति के लिए व्रत किया। महिलाओं ने मिट्टी और बालू से भगवान शिव, माता पार्वती और गणेश जी की प्रतिमा बनाकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। देर रात तक महिलाएं जागकर भजन-कीर्तन और पूजा में लीन रहीं।
मान्यता है कि हरतालिका तीज का व्रत घर में सुख-शांति और दांपत्य जीवन में प्रेम बनाए रखता है। साल 2026 में हरतालिका तीज और गणेश चतुर्थी का दुर्लभ संयोग एक ही दिन, 14 सितंबर को पड़ा है।तृतीया तिथि और चतुर्थी तिथि एक ही दिन यानी 14 सितंबर को पड़ने के कारण यह विशेष संयोग बना।
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