ग्लोबल इंस्टीट्यूट ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में पत्रकारिता कार्यशाला संपन्न, बिना प्रशिक्षण के पत्रकारिता करना जोखिम भरा – धनंजय कुमार

DNB Bharat Desk

पत्रकारिता करते वक्त शब्दों का गलत चयन और नियमों की अवहेलना करना आपके लिए मुश्किलें पैदा कर सकता है। उक्त बातें वरिष्ठ पत्रकार तथा उत्तर प्रदेश ईटीवी भारत (Etv Bharat) के पूर्व राज्य संपादक धनंजय कुमार ने ग्लोबल इंस्टीट्यूट ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (Global Institute of Information Technology) द्वारा पत्रकारिता के छात्रों के लिए आयोजित एक विशेष कार्यशाला में कहीं।

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कार्यशाला के दौरान वरिष्ठ पत्रकार धनंजय कुमार ने पत्रकारिता से जुड़े जरूरी कानूनी पहलुओं को बेहद बारीकी से समझाया। उन्होंने छात्रों का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि “जिस प्रकार आप खुद को पेश करेंगे, व्यूअर आपको उसी रूप में देखेंगे।” उन्होंने मीडिया के व्यापक स्वरूप पर प्रकाश डालते हुए स्पष्ट किया कि सिर्फ सरकार का विरोध करना ही खबर नहीं होती, बल्कि सरकार के जनहितकारी और अच्छे कार्यों का प्रसार करना भी एक जिम्मेदार पत्रकारिता का अहम हिस्सा है। उन्होंने दो टूक कहा कि आज के दौर में बिना विधिवत प्रशिक्षण के पत्रकारिता करना जोखिम भरा साबित हो सकता है। इसलिए पत्रकारिता करने वाले सभी को प्रशिक्षित होने का प्रमाण-पत्र एवं डिजिटल मीडिया से जुड़े लोगों को 2021 में भारत सरकार द्वारा डिजिटल मीडिया पर आई गाइडलाइन के तहत मान्यता प्राप्त SRB से जुड़ कर हीं काम करना चाहिए।

कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए वेब जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के महासचिव और संस्थान के सीईओ मधुप मणि “पिक्कू” ने छात्रों को व्यावहारिक टिप्स दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी खबर को महज सनसनीखेज बनाने के लिए जल्दबाजी में पब्लिश नहीं करना चाहिए। किसी भी खबर के मूल स्रोत, और ‘कब, कहाँ, और कैसे जैसे पहलुओं की पूरी सत्यता की गहराई से पुष्टि करने के बाद ही उसे सार्वजनिक करना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि मीडिया के क्षेत्र में एक लंबी, विश्वसनीय और सफल पारी खेलने के लिए यह अनुशासन अत्यंत आवश्यक है।

छात्रों के भविष्य और अकादमिक लाभ पर चर्चा करते हुए मधुप मणि “पिक्कू” ने कहा कि इस संस्थान से पत्रकारिता कोर्स का सर्टिफिकेशन मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी के माध्यम से प्रदान किया जाता है। इसके तहत मिलने वाले सर्टिफिकेट्स छात्रों के डिजीलॉकर (DigiLocker) में सुरक्षित उपलब्ध होते हैं। इसके साथ ही, इस कोर्स के लिए छात्रों को 20 क्रेडिट भी प्राप्त होते हैं, जो आगे की उच्च शिक्षा और पढ़ाई के दौरान बेहद मददगार साबित होते हैं।

इस कार्यशाला की व्यापकता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में पत्रकारिता के छात्र जुड़े और इस संवाद का हिस्सा बने। कार्यक्रम के अंत में छात्रों ने अतिथियों से सवाल-जवाब किए और पत्रकारिता की बारीकियों को समझा।

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