पीएम नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर और सांसद कौशलेंद्र कुमार ने दी बधाई।
डीएनबी भारत डेस्क
बिहार के गौरव एवं अंतरराष्ट्रीय पैरा पावरलिफ्टर झंडू कुमार ने कॉमनवेल्थ गेम्स में कांस्य पदक जीतकर भारत, बिहार, नालंदा और हरनौत का नाम अंतरराष्ट्रीय मंच पर रोशन कर दिया है। पुरुष हैवीवेट वर्ग में 190 किलोग्राम भार उठाकर उन्होंने यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। उनकी इस सफलता से पूरे नालंदा जिले में खुशी का माहौल है।

खेलप्रेमियों, खिलाड़ियों और सामाजिक संगठनों ने इसे बिहार के पैरा खेलों के इतिहास में एक गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया है।नालंदा सांसद कौशलेंद्र कुमार ने बधाई देते हुए कहा कि झंडू कुमार की उपलब्धियां पहले से ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय रही हैं। वह विश्व पैरा पावरलिफ्टिंग प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। विश्व रैंकिंग में शीर्ष खिलाड़ियों में शामिल रहने के साथ-साथ एशियाई स्तर पर भी उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया है।

अपनी मेहनत, अनुशासन और निरंतर अभ्यास के दम पर उन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद यह मुकाम हासिल किया है। अब कॉमनवेल्थ गेम्स का कांस्य पदक उनकी उपलब्धियों में एक और स्वर्णिम अध्याय जोड़ता है।एसोसिएशन के सचिव एवं कोच कुंदन कुमार पांडे ने कहा कि झंडू की सफलता वर्षों की कठिन मेहनत और अनुशासित प्रशिक्षण का परिणाम है।
सबसे बड़ी विडंबना आज यह है कि देश के लिए मेडल लाने वाले नालंदा लाल के माता पिता हरनौत बाजार में सब्जी बेचकर अपना जीवन यापन कर रहे है। स्थानीय प्रशासनिक स्तर पर कोई भी मदद नहीं की जाती है।
डीएनबी भारत डेस्क