डीएनबी भारत डेस्क
वीरपुर प्रखंड क्षेत्र के भवानंदपुर के जाने माने साहित्यकार हाशमी जिन्होंने हिंदी उर्दू और मैथिली में दर्जन भर से अधिक पुस्तकों की रचना की.उन्हें साहित्य अकादमी का पुरस्कार भी मिला, तथा उनकी मैथिली कविताएं पाठ्यक्रम का हिस्सा भी हैं. श्री हाशमी पर कई शोध भी हुए.

उनकी गिनती बिहार के प्रमुख साहित्यकार के तौर पर होती है. भारत सरकार की संस्था केंद्रीय साहित्य अकादमी भारतीय साहित्य के निर्माता के तेहत देश के प्रसिद्ध साहित्यकारों पर पुस्तकें प्रकाशित करती है. इस श्रृंखला में एक पुस्तक फज़लुर रहमान हाशमी पर भी प्रकाशित की जाएगी. जिसमें उनके जीवन और साहित्य के बारे में विस्तार से प्रकाश डाला जाएगा.
यह जानकारी साहित्य अकादमी के उपसचिव डॉ.एन सुदेश बाबु ने स्पीड पोस्ट के माध्यम से लेखक को दी है.उल्लेखनीय है कि मैथिली भाषा में इस पुस्तक को लिखने की जिम्मेदारी भवानंदपुर के ही लगभग बीस पुस्तकों के चर्चित लेखक,प्राध्यापक और श्री हाशमी के पुत्र डॉ.ज़ियाउर रहमान जाफ़री को सोंपी गई है.
साहित्य अकादमी भारत सरकार के इस निर्णय पर बेगूसराय के साहित्यकारों प्रदीप बिहारी,अनिल पतंग,अशांत भोला सिंह,डॉ.राजेंद्र साह, प्रफुल्ल कुमार मिश्र,आदि ने प्रसन्नता व्यक्त की है.
बेगूसराय वीरपुर संवाददाता गोपल्लव झा की रिपोर्ट