डीएनबी भारत डेस्क
वर्षात का मौसम आते ही वीरपुर समेत आस पास के लगभग 20 से 25 गांवों के लोग अपने और अपने बाल बच्चों की भविष्य के साथ रोज मर्रा के कामों को लेकर अभी से ही भयाक्रांत रहने लगे हैं कि कब किनके साथ दुर्घटना हो जाएगी। वीरपुर पीएचसी रोड, वीरपुर पकठौल रोड, वीरपुर बथौली ढाला रोड सब के सब जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ पदाधिकारियों के कुंभकर्णी नींद के कारण गढ्ढा में रोड है या रोड में गढा ठेहुना भर जल जमाव से पता हीं नहीं चल पाता है।

जिससे अनजाने यात्री,वाइक सबार ई रिक्शा चालक, छोटे चार चक्के की गाड़ी कब कहां पलट जाती है।कब कहां लोगों का हांथ टुट जाता है।कब कहां सर फुट जाता है पता हीं नहीं चल पाता है।हद तो तब हो जाती है जब छात्राएं पढ़ने के लिए विद्यालय जाते आते हैं और चार चक्के या वाइक सबार की ना समझी से किचर उछाल कर ड्रेस पर पर जाती है।तो स्थानीय लोग समझ लेते हैं यह जान बुझकर ऐसा किया है।तब उसका जमकर धुनाई कर देते हैं।
इसी करी में शुक्रवार को ढेलफेक्का गोसाईं के पास जल जमाव से एक वाइक सबार दम्पति गीर गये उस बजह से कयी लोगों को दुर्गंध यूक्त किचर परने से नराज होकर वाइक सबार यूवक का धुनाई कर दिए।इस संबंध में स्थानीय दुकानदारों ने बताया कि 2005 से ही यहां के भाजपा सांसद हुआ करतें हैं,2010 से विधायक भी भाजपा के हीं हैं। प्रखंड से लेकर जिला पदाधिकारियों को कयी बार समस्या से अवगत कराया गया। सांसद, विधायक को भी पत्र सोंपा गया है लेकिन वे लोग कुंभ करणी निंद में अभी तक सोए हुए हैं।
बेगूसराय वीरपुर संवाददाता गोपल्लव झा की रिपोर्ट