डीएनबी भारत डेस्क
नालंदा के लहेरी थाना क्षेत्र में एक मजदूर की इलाज के दौरान मौत के बाद बिहारशरीफ के एक निजी अस्पताल में जमकर हंगामा हुआ। परिजनों ने आरोप लगाया कि मरीज की मौत पहले ही हो चुकी थी, लेकिन अस्पताल ने इलाज के नाम पर 17 हजार रुपये वसूल लिए। हालांकि अस्पताल प्रबंधन ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया है।

पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है।जानकारी के अनुसार, दीपनगर के काकोबीघा गांव में निर्माणाधीन मकान की छत से गिरकर डोइया गांव निवासी अमिरक रविदास गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें इलाज के लिए निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। इसके बाद परिजनों और ग्रामीणों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया। सूचना पर पहुंची लहेरी थाना पुलिस ने स्थानीय मुखिया की मदद से लोगों को शांत कराया।
परिजनों का आरोप है कि इलाज के नाम पर पैसे लेने के कुछ देर बाद ही मरीज को मृत घोषित कर दिया गया। वहीं अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि मरीज की हालत गंभीर थी और हरसंभव इलाज किया गया। थानाध्यक्ष रणजीत कुमार रजक ने बताया कि पैसे को लेकर विवाद हुआ था। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले की जांच की जा रही है।परिजनों मुआवाजे की मांग की।
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