नालंदा में गरजे आनंद मोहन: नीतीश कुमार और एनकाउंटर संस्कृति पर साधा निशाना, 2025 के जनादेश पर उठाए सवाल

DNB Bharat Desk
- Sponsored Ads-

ज्ञान की धरती नालंदा में आयोजित अभिनंदन समारोह के दौरान बिहार की राजनीति एक बार फिर गरमा गई। मोरा तालाब में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे पूर्व सांसद आनंद मोहन ने अपने संबोधन में विरोधियों पर जमकर हमला बोला।

 उन्होंने बिहार की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पद से हटाए जाने और भरत तिवारी एनकाउंटर मामले पर खुलकर अपनी राय रखी। नालंदा के मोरा तालाब में आयोजित अभिनंदन समारोह में बड़ी संख्या में समर्थक जुटे। मंच से संबोधित करते हुए पूर्व सांसद आनंद मोहन ने कहा कि देश में दो ही ऐसे राज्य रहे हैं, जहां सत्ता का संचालन कुछ चुनिंदा लोगों के प्रभाव में रहा। 

नालंदा में गरजे आनंद मोहन: नीतीश कुमार और एनकाउंटर संस्कृति पर साधा निशाना, 2025 के जनादेश पर उठाए सवाल 2उन्होंने ऐतिहासिक उदाहरण देते हुए पुष्यमित्र शुंग और राजा वृहद्रथ का जिक्र किया और कहा कि मगध फिर पुष्पमित्र शुंग और वृहदत्त के इतिहास दोहराया है। उन्होंने दावा किया कि जनता ने 2025 में नीतीश कुमार के नाम पर वोट दिया था, लेकिन बाद में चंद एजेंटों ने नीतीश कुमार को सत्ता से हटाकर जनादेश का अपमान किया गया। उन्होंने नालंदा की जनता से इस राजनीतिक बदलाव के खिलाफ आवाज उठाने की भी अपील की।संपूर्ण देश का संपूर्ण राजनीतिक महकमा इस घटना से हतप्रभ है।

नालंदा में गरजे आनंद मोहन: नीतीश कुमार और एनकाउंटर संस्कृति पर साधा निशाना, 2025 के जनादेश पर उठाए सवाल 3अपने संबोधन के दौरान आनंद मोहन ने भरत तिवारी एनकाउंटर मामले पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति को पहले अपराधी और फिर क्रांतिकारी बताने की राजनीति नहीं होनी चाहिए। उनका कहना था कि लोकतंत्र में आत्मसमर्पण करने वाले किसी भी आरोपी का एनकाउंटर स्वीकार्य नहीं है। 

नालंदा में गरजे आनंद मोहन: नीतीश कुमार और एनकाउंटर संस्कृति पर साधा निशाना, 2025 के जनादेश पर उठाए सवाल 4उन्होंने साफ कहा कि वे न तो बुलडोजर संस्कृति के पक्षधर हैं और न ही एनकाउंटर संस्कृति के। पुलिस का काम आरोपी को गिरफ्तार कर अदालत के सामने पेश करना है, जबकि सजा देने का अधिकार केवल न्यायपालिका को है।

डीएनबी भारत डेस्क

Share This Article