डीएनबी भारत डेस्क
भगवानपुर (बेगूसराय)। बिहार राज्य खेत मजदूर यूनियन, भगवानपुर इकाई के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को विभिन्न जनहित एवं मजदूर हित से जुड़ी मांगों को लेकर प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) को 11 सूत्री मांगपत्र सौंपा। यूनियन ने मांगों पर शीघ्र कार्रवाई करते हुए सरकार एवं प्रशासन का ध्यान मजदूरों और गरीब तबके की समस्याओं की ओर आकर्षित करने की अपील की।

सौंपे गए मांगपत्र में यूनियन ने बीवीजी (BVG) व्यवस्था को निरस्त कर पुरानी मनरेगा व्यवस्था को पुनः लागू करने की मांग की है। इसके साथ ही मनरेगा के तहत साल में 200 दिनों के रोजगार की गारंटी तथा प्रतिदिन 700 रुपये मजदूरी निर्धारित करने की मांग उठाई गई है।
यूनियन ने मांगपत्र में कहा है कि सरकारी भूमि पर बसे भूमिहीन परिवारों को बिना वैकल्पिक व्यवस्था किए बेदखल नहीं किया जाए। इसके अलावा वृद्धावस्था पेंशन योजना को नियमित करने तथा पेंशन राशि बढ़ाकर 3000 रुपये प्रतिमाह करने की मांग भी की गई है।
मांगपत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मिलने वाली सहायता राशि को बढ़ाकर 5 लाख रुपये करने सहित कुल 11 मांगों को शामिल किया गया है।
यूनियन नेताओं ने कहा कि बढ़ती महंगाई और आर्थिक चुनौतियों के बीच मजदूर एवं गरीब परिवारों का जीवन-यापन कठिन होता जा रहा है, इसलिए सरकार को उनकी समस्याओं के समाधान के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
प्रखंड विकास पदाधिकारी को मांगपत्र सौंपने के दौरान यूनियन के कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो संगठन आगे आंदोलनात्मक कदम उठाने को बाध्य होगा।
बेगूसराय भगवानपुर संवाददाता गणेश प्रसाद की रिपोर्ट