NEET UG धांधली: नालंदा के विम्स मेडिकल कॉलेज का छात्र बना ‘सॉल्वर गैंग’ का मास्टरमाइंड, जांच तेज

DNB Bharat Desk
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नीट यूजी री एग्जाम में धांधली की जांच की आंच एक बार फिर नालंदा के पावापुरी स्थित विम्स मेडिकल कॉलेज तक पहुंच गई है। लखीसराय में नीट यूजी परीक्षा के दौरान बायोमेट्रिक सत्यापन में सेंध लगाकर फर्जी परीक्षार्थियों को परीक्षा में बैठाने वाले सॉल्वर गैंग के खुलासे के बाद अब तक 30 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

 इस मामले में विम्स मेडिकल कॉलेज के एक छात्र का नाम भी सामने आया है, जिसे गिरोह का मुख्य संचालक बताया जा रहा है।जानकारी के अनुसार लखीसराय जिले में नीट यूजी परीक्षा के दौरान सॉल्वर गैंग के 9 सदस्यों को गिरफ्तार किया गया था। जांच में खुलासा हुआ कि बायोमेट्रिक सत्यापन प्रणाली को धोखा देकर नकली अभ्यर्थियों को परीक्षा में बैठाने की साजिश रची गई थी। 

पुNEET UG धांधली: नालंदा के विम्स मेडिकल कॉलेज का छात्र बना 'सॉल्वर गैंग' का मास्टरमाइंड, जांच तेज 2लिस जांच में अब तक 30 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। आरोप है कि गिरोह प्रत्येक अभ्यर्थी से 10 से 12 लाख रुपये लेकर परीक्षा पास कराने का सौदा करता था।इस मामले में नालंदा जिले के पावापुरी स्थित विम्स मेडिकल कॉलेज के 2022 बैच के छात्र रविशंकर कुमार का नाम सामने आया है। जांच एजेंसियों के अनुसार रविशंकर इस पूरे नेटवर्क का मुख्य संचालक बताया जा रहा है।

 NEET UG धांधली: नालंदा के विम्स मेडिकल कॉलेज का छात्र बना 'सॉल्वर गैंग' का मास्टरमाइंड, जांच तेज 3मामले की जानकारी मिलते ही राजगीर अनुमंडल के डीएसपी संजीत कुमार गुप्ता कॉलेज पहुंचकर जांच की, लेकिन छात्र अपने हॉस्टल के कमरे में नहीं मिला।विम्स की प्राचार्य डॉ. सर्विल कुमारी ने बताया कि नीट यूजी पुनर्परीक्षा से पहले ही सभी छात्रों को निर्देश दिया गया था कि परीक्षा अवधि के दौरान कोई भी छात्र हॉस्टल नहीं छोड़ेगा।

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