डीएनबी भारत डेस्क
कौन कहता है आसमान में सुराग नहीं होता है। तबीयत से एक पत्थर तो उछालो यारों। जीवन में सफलता प्राप्त करने की जुनून हो तो हर मंजिल पाना आसान हो जाता है। उसी हौसले और जुनून की बदौलत नप बीहट वार्ड संख्या 32 रजक टोला इब्राहिमपुर टोला निवासी बच्चू रजक का पोता, बालेश्वर रजक व रुनी देवी का पुत्र प्रिंस कुमार ने 70वीं बिहार लोक सेवा आयोग की परीक्षा में शानदार 89 वां रैंक हासिल कर एसडीएम का पद प्राप्त किया है।

उसकी इस सफलता से पूरे इलाके में जश्न का माहौल है। गरीबी और तंगहाली में रहकर वो इस मुकाम को हासिल किया है। जबकि प्रिंस के पिता बालेश्वर रजक टेंट और पंडालों में बिजली मिस्त्री का काम करते हुए अपने पुत्र की सफलता से काफी खुश हैं। सीमित संसाधनों और आर्थिक तंगहाली के बावजूद, बालेश्वर रजक ने अपने बेटे की पढ़ाई में कभी कोई कमी नहीं आने दी और प्रिंस ने भी पिता के पसीने की हर बूंद की कीमत अपनी सफलता से चुकाई।
हालांकि प्रिंस अपने नानी घर बरौनी गंज में नाना उपेंद्र रजक के घर रहकर 10वीं की पढ़ाई सेंट जोसेफ स्कूल से और 12वीं की पढ़ाई रामचरित्र सिंह स्मारक महाविद्यालय, बीहट से पूरी की। जिसके बाद प्रिंस ने देश के प्रतिष्ठित संस्थान आईआईटी कानपुर से बीटेक और एम.टेक की डिग्री हासिल की। ग्रामीणों ने गाजे-बाजे और माला पहनाकर किया भव्य स्वागत —
प्रिंस कुमार के एसडीएम बनने के बाद गांव आगमन पर ग्रामीणों ने उनका गाजे-बाजे और पटाखे के साथ भव्य स्वागत किया गया।
और दुर्गा मंदिर में पूजा अर्चना किया।ग्रामीणों और परिजनों ने उन्हें फूल मालाओं से लाद दिया और मिठाई बांटकर खुशी मनाई गई। मौके पर इंद्रदेव रजक, शंकर रजक, अशोक रजक, राम सेवक शर्मा, शिक्षक नंदन कुमार ठाकुर, दिलीप कुमार, धर्मेंद्र कुमार और राहुल कुमार सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने स्वागत किया। पिता बालेश्वर रजक आंखों में सुख के आंसू लिए कहते हैं कि मेरी जिंदगी सफल हो गई। पुत्र प्रिंस ने कहा कि माता-पिता के साथ साथ नाना नानी का भी अहम योगदान है।
बेगूसराय बीहट संवाददाता धरमवीर कुमार की रिपोर्ट