डीएनबी भारत डेस्क
राजगीर मॉब लिंचिंग मामले में अब सियासत भी तेज हो गई है।नालंदा जिले के राजगीर में हुई मॉब लिंचिंग की घटना के बाद बिहार सरकार के अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण मंत्री लखेन्द्र पासवान पीड़ित परिवारों के घर पहुंचे। मंत्री ने दोनों मृतक युवकों के परिजनों को चार लाख बारह हजार रुपये की अनुग्रह राशि का चेक सौंपा।

साथ ही दोनों परिवारों के एक-एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की घोषणा भी की।मंत्री ने मौके पर ही नालंदा एसपी से फोन पर बात की और राजगीर थानाध्यक्ष रमन कुमार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि थानाध्यक्ष ने दोनों युवकों को पकड़कर मंदिर परिसर में मौजूद साधुओं के हवाले कर दिया, जिसके बाद भीड़ ने उनकी बेरहमी से पिटाई कर दी। मंत्री ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। वहीं एसपी ने आरोपों की जांच कराने का आश्वासन दिया है।गौरतलब है कि सोमवार की सुबह झुनकिया बाबा मंदिर के पास चोरी के आरोप में दो युवकों की भीड़ ने जमकर पिटाई कर दी थी।
गंभीर रूप से घायल दोनों युवकों की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला तूल पकड़ गया। पुलिस ने इस मामले में एक साधु को गिरफ्तार किया है और आगे की कार्रवाई जारी है।मंत्री के गंभीर आरोपों के बाद अब सबकी नजर पुलिस जांच पर टिकी है। जांच में क्या सच सामने आता है, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा। फिलहाल पीड़ित परिवार न्याय और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
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