नालंदा: नालंदा जिला मुख्यालय बिहारशरीफ में प्यार को आखिरकार परिवार की मंजूरी मिल गई और एक प्रेम कहानी शादी के मुकाम तक पहुंच गई। लहेरी थाना क्षेत्र में उस वक्त लोगों की भीड़ जुट गई जब एक प्रेमी जोड़े ने मंदिर में सात जन्मों तक साथ निभाने की कसमें खाईं। खास बात यह रही कि न बैंड-बाजा था, न बारात और न ही कोई भव्य आयोजन, सिर्फ चुटकी भर सिंदूर ने दोनों को हमेशा के लिए एक-दूसरे का बना दिया। दरअसल, मानपुर थाना क्षेत्र के परोहा गांव का रहने वाला एक युवक बिहारशरीफ के मेहरपर मोहल्ले में किराये पर रहकर पढ़ाई करता था। इसी दौरान उसकी मुलाकात सिपाह गांव की एक छात्रा से हुई। दोनों के बीच दोस्ती हुई और धीरे-धीरे यह रिश्ता प्यार में बदल गया। करीब डेढ़ से दो वर्षों से दोनों एक-दूसरे के संपर्क में थे।
बताया जाता है कि किसी बात को लेकर छात्रा को अपने परिवार की नाराजगी और डांट-फटकार का सामना करना पड़ा। इससे आहत होकर वह घर छोड़कर निकल गई और अपने प्रेमी को फोन कर बुला लिया। छात्रा की सुरक्षा को लेकर चिंतित युवक उसे लेकर सीधे लहेरी थाना पहुंच गया।थाने में दोनों पक्षों की मौजूदगी में काफी देर तक बातचीत और समझाने-बुझाने का दौर चला। इस दौरान छात्रा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह अपने प्रेमी के साथ ही जीवन बिताना चाहती है। परिजनों ने भी उसे मनाने की कोशिश की, लेकिन वह अपने फैसले पर अडिग रही। आखिरकार बेटी की खुशी को देखते हुए परिजनों ने इस रिश्ते को अपनी सहमति दे दी।

परिवार की रजामंदी मिलते ही दोनों मुरारपुर मोहल्ले स्थित देवी स्थान मंदिर पहुंचे, जहां विधि-विधान के साथ विवाह संपन्न कराया गया। युवक ने मंदिर में अपनी प्रेमिका की मांग में सिंदूर भरकर उसे अपनी जीवनसंगिनी बना लिया। शादी के बाद दोनों खुशी-खुशी युवक के घर के लिए रवाना हो गए। वहीं, लहेरी थानाध्यक्ष रंजीत कुमार रजक ने बताया कि युवक और युवती स्वयं को बालिग बता रहे थे। पुलिस की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच सहमति बनने के बाद विवाह संपन्न हुआ।