डीएनबी भारत डेस्क
बेगूसराय| समरसता मंच द्वारा.वसुधैव कुटुम्बकम् ,.ग्लोबल विलेज एवं सत्यम् शिवम् सुन्दरम् की वैश्विक अवधारणा को साकार करने के उद्देश्य से संचालित अंतर्राष्ट्रीय शांति मिशन के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए बिहार के बेगूसराय निवासी डॉ. प्रशान्त कुमार, प्रधानाध्यापक सरस्वती संस्कृत उच्च विद्यालय बेगूसराय बिहार को मंच का प्रवक्ता नियुक्त किया गया है।

यह नियुक्ति मंच संरक्षक न्यायमूर्ति परमानन्द झा (प्रथम उपराष्ट्रपति,नेपाल सरकार) के दिशा- निर्देश एवं अनुशंसा के आधार पर की गई है। मंच के संयोजक एवं नेपाल सरकार के प्रथम उपराष्ट्रपति के विशिष्ट सलाहकार डॉ. कुलदीप प्रसाद शर्मा (एडवोकेट) ने इस अवसर पर जानकारी देते हुए बताया कि अंतर्राष्ट्रीय समरसता मंच की कार्ययोजना को 25 राष्ट्रों तक विस्तारित करने के लिए चयनित प्रवक्ताओं को विशेष दायित्व सौंपे जा रहे हैं।
डॉ. प्रशान्त कुमार को भी वैश्विक स्तर पर संगठन की विचारधारा को सशक्त रूप से प्रस्तुत करने की जिम्मेदारी प्रदान की गई है।उन्होंने आगे बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य विभिन्न देशों, संस्कृतियों एवं समुदायों के बीच संवाद,समन्वय एवं सहयोग को बढ़ावा देना है,जिससे विश्व में शांति,सौहार्द एवं भाईचारे का वातावरण स्थापित किया जा सके।डॉ. प्रशान्त कुमार अपने दायित्व के अंतर्गत विभिन्न राष्ट्रों के गणमान्य व्यक्तियों,सामाजिक संगठनों एवं विचारशील वर्गों से संवाद स्थापित कर भारत-नेपाल की प्राचीन वैदिक एवं सांस्कृतिक विरासत के पुनरुत्थान हेतु कार्य करेंगे।
इस कार्ययोजना के अंतर्गत भारत को पुनः .विश्व गुरु के रूप में स्थापित करने, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत को वीटो पावर के साथ स्थायी सदस्यता दिलाने तथा वैश्विक मंच पर भारत की भूमिका को और अधिक प्रभावशाली बनाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी कार्य किया जाएगा।मंच के अनुसार,डॉ. प्रशान्त कुमार का चयन उनके सामाजिक सरोकार, संगठनात्मक अनुभव एवं समाज के प्रति समर्पण भावना को ध्यान में रखते हुए किया गया है।
उनसे अपेक्षा की जा रही है कि वे अपने दायित्व का निर्वहन करते हुए अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत की शक्ति, प्रतिष्ठा एवं पंचशील सिद्धांतों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करेंगे। डॉ. प्रशान्त कुमारके प्रवक्ता नियुक्त होने पर विभिन्न क्षेत्रों के सामाजिक संगठनों, गणमान्य नागरिकों एवं बुद्धिजीवियों द्वारा उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ प्रेषित की जा रही है।
इसे न केवल उनके व्यक्तिगत उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है,बल्कि क्षेत्र एवं समाज के लिए भी गौरव का विषय माना जा रहा है।अंतर्राष्ट्रीय समरसता मंच द्वारा भविष्य में भी इस प्रकार की पहल के माध्यम से वैश्विक स्तर पर सामाजिक समरसता,सांस्कृतिक संवाद एवं मानवीय मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास किए जाते रहेंगे।
डीएनबी भारत डेस्क