गोताखोर और बैरिकेडिंग की व्यवस्था; विधायक ने की सुख-समृद्धि की कामना
डीएनबी भारत डेस्क
चैती छठ पूजा को लेकर नालंदा जिले के विभिन्न छठ घाटों पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। पहले अर्घ्य के मौके पर छठव्रतियों की भारी भीड़ देखने को मिली।नालंदा जिले के मोरा तालाब, बाबा मणिराम अखाड़ा, सूर्य मंदिर तालाब, औंगारी धाम और बड़गांव छठ घाट पर पहले अर्घ्य को लेकर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी।

हर घाट पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे।पानी की गहराई को देखते हुए घाटों पर बैरिकेडिंग की गई थी, वहीं किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए गोताखोरों की तैनाती भी की गई थी, ताकि छठव्रतियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
छठव्रतियों ने पूरी श्रद्धा और आस्था के साथ डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य अर्पित कर अपने परिवार की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की। घाटों पर भक्ति और श्रद्धा का अद्भुत नजारा देखने को मिला।
इस दौरान राजगीर के विधायक कौशल किशोर भी मोरा तालाब छठ घाट पहुंचे और भगवान भास्कर को अर्घ्य अर्पित किया। उन्होंने कहा कि छठ पर्व हिंदू धर्म का सबसे महान और पवित्र त्योहार है, जो साल में दो बार कार्तिक और चैत माह में मनाया जाता है।
चैती छठ का अपना विशेष महत्व है।विधायक ने भगवान सूर्य से बिहार की खुशहाली और समृद्धि की कामना करते हुए प्रदेश के विकास की प्रार्थना की।
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