सात निश्चय-2 के तहत पशु बांझपन शिविर: गाय, बकरी और मत्स्य पालन पर 90% तक सब्सिडी; अब पटना की तर्ज पर जिलों में बनेंगे हाईटेक पशु अस्पताल
डीएनबी भारत डेस्क
बेगूसराय जिले के भगवानपुर प्रखंड मुख्यालय मैदान में बुधवार को बिहार डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग विभाग द्वारा आत्मनिर्भर बिहार के सात निश्चय -2 एवं बेहतर पशु स्वास्थ्य प्रबंधन के लिए आधारभूत व्यवस्थाएं के तहत पशु बांझपन चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। इसका उद्घाटन स्थानीय विधायक सह विभागीय मंत्री सुरेंद्र मेहता ने ने दीप प्रज्वलित कर लिया।

उन्होंने कहा कि पशुपालकों के समृद्धि के लिए राज्य सरकार कृत संकल्पित है।शिविर का उद्देश्य बिहार के सभी किस्म के किसानों को सरकार द्वारा चलाए गए योजनाओं व कार्यक्रमों से अवगत कराना है ताकि किसान जागरूक होकर सरकारी लाभ को प्राप्त कर सके। उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार बिहार के सबसे पाशप्लकों की चिंता करती है, इसलिए बकरी पालन, गाय पालन, सुअर पालन, मत्स्य पालन के लिए सरकार प्रोत्साहन दे रही है। इसमें 90 प्रतिशत की सब्सिडी तक दी जा रही है, ताकि एक गरीब बकरी पालन कर अच्छा आमदनी प्राप्त कर सके।
उन्होंने कहा कि बकरी ग़रीब गुरबा का एटीएम है,जिसे जब चाहे राशि प्राप्त कर सकता है। उन्होंने कहा कि बकरी का दूध रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है इसलिए इसका दूध बहुत महंगा होता है।अब इसका दूध डेयरी में भी उपलब्ध हो सकेगा, इसके लिए सरकार व्यवस्था कर रही है वहीं उन्होंने कहा कि बिहार मछली उत्पादन के क्षेत्र में भी आत्मनिर्भर हो चुका है।अब यहां का स्वादिष्ट मछली का स्वाद दूनिया के लोग चखेंगे।अब मत्स्यजीवी जहां तहां मछली नहीं बेचेंगे। उनके लिए सभी जगह शेड बनाये जायेंगे, मछली जल्दी ख़राब नहीं हो उसकी व्यवस्था भी की जायेगी।इससे बिहार के लोगों का आर्थिक विकास होगा।
उन्होंने कहा कि कहा पटना के तर्ज पर बिहार के सभी जिलों में हाईटेक पशु अस्पताल होगा, जहां पशुओं का सभी इलाज सम्भव होंगे। बकरी, गाय सहित बीमार पशुओं की चिकित्सा के लिए टोलफ्री नम्बर 1962 जारी किया गया है। शिविर में विभिन्न कम्पनीयों की दवाओं का स्टाल भी लगाये गये थे,जिसका मुआयना भी किया गया। कर्मी से उसके संबंध में पुछताछ की।शिविर में छः नाव, जलकर कीट का वितरण किया गया। मौके पर पटनाव जिला मुख्यालयों से आए विभागीय अधिकारी, पशु चिकित्सक, कर्मी सहित पशुपालक किसान उपस्थित थे।
बेगूसराय भगवानपुर संवाददाता गणेश प्रसाद की रिपोर्ट