डीएनबी भारत डेस्क
नालंदा जिले में अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलचल तेज हो गई है। ईरान क्षेत्र में जारी सैन्य तनाव को लेकर जिले के अल्पसंख्यक समुदाय ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।

समुदाय के लोगों ने अमेरिका और इजरायल की कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए इसे मानवता के खिलाफ बताया है।अल्पसंख्यक समाज के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक पप्पू खान ने इस मुद्दे पर बयान जारी करते हुए कहा कि मध्य-पूर्व में जिस तरह से लगातार हमले हो रहे हैं, उससे बेगुनाह लोगों की जान जा रही है, जो बेहद दुखद और चिंताजनक है।
उन्होंने कहा कि अगर समय रहते अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हस्तक्षेप नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में हालात और भी भयावह हो सकते हैं।पप्पू खान ने भारत सरकार से इस मामले में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि भारत की वैश्विक स्तर पर मजबूत पहचान है और प्रधानमंत्री की अंतरराष्ट्रीय छवि भी प्रभावशाली है।
ऐसे में भारत को आगे बढ़कर शांति स्थापित करने की पहल करनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि भारत और ईरान के बीच वर्षों पुरानी दोस्ती रही है और दोनों देशों के बीच आर्थिक व कूटनीतिक संबंध भी मजबूत रहे हैं। भारत की ऊर्जा जरूरतों और व्यापारिक संबंधों में भी ईरान का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। इसलिए मौजूदा हालात में भारत को मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए हिंसा को रोकने के लिए पहल करनी चाहिए।
पूर्व विधायक ने कहा कि युद्ध किसी भी समस्या का समाधान नहीं है। उन्होंने दुनिया के बड़े देशों से अपील की कि वे संयम बरतें और संवाद के जरिए समाधान निकालें, ताकि मासूम लोगों की जान बचाई जा सके और क्षेत्र में शांति कायम हो सके।
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