जीविका बेगूसराय की जीविका दीदियां गणतंत्र दिवस समारोह में होंगी शामिल, राज्य भर के कुल 18 जीविका दीदियाँ होंगी गणतंत्र दिवस की विशेष अतिथि
डीएनबी भारत डेस्क

बेगूसराय। गणतंत्र दिवस 2026 के अवसर पर नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित होने वाले मुख्य समारोह में जीविका, बेगूसराय की चार जीविका दीदियां एवं प्रबंधक संचार विशेष अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे।
यह सहभागिता जिले के लिए गौरव का विषय है। चयनित जीविका दीदियां ग्रामीण महिलाओं की सशक्तिकरण यात्रा की जीवंत मिसाल हैं, जिन्होंने स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से आजीविका, नेतृत्व एवं सामाजिक बदलाव के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है। केंद्र सरकार द्वारा उन्हें गणतंत्र दिवस समारोह में आमंत्रित किया जाना उनके कार्यों की राष्ट्रीय स्तर पर पहचान को दर्शाता है। उल्लेखनीय है कि इस जीविका की तरफ से विभिन्न जिलों से कुल 18 जीविका दीदियां गणतंत्र दिवस समारोह में शिरकत करेंगी, जिसमें बेगूसराय, भोजपुर एवं नालंदा से 4-4 एवं गया एवं जहानाबाद से 3-3 जीविका दीदियां शामिल है।
बरौनी प्रखंड अंतर्गत नूरपुर पंचायत की अनिता कुमारी का जीवन कभी अभावों और संघर्षों से भरा हुआ था। सीमित आय, संसाधनों की कमी और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच उनका दिन गुजरता था। परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी कमजोर थी कि बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य और घर की दैनिक जरूरतों को पूरा करना भी एक बड़ी चुनौती थी। कई बार परिस्थितियाँ हिम्मत तोड़ देने वाली होती थीं, लेकिन अनिता देवी ने कभी हार नहीं मानी। एक दौर ऐसा भी आया कि पति जो बरौनी रिफायनरी में मजदूरी करते थे कि नौकरी भी छूट गयी। इस दौर में उनकी स्थिति और भी दयनीय हो गयी। शिव जीविका स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद उनके जीवन में बदलाव की शुरुआत हुई। समूह की नियमित बैठकों में उन्होंने बचत का महत्व, आपसी सहयोग, बैंकिंग प्रक्रिया और ऋण प्रबंधन के बारे में सीखा।
पहले जहाँ वे आर्थिक निर्णय लेने से डरती थीं, वहीं अब उनमें आत्मविश्वास आने लगा। अनिता ने सबसे पहले समूह के सहयोग से ऋण लेकर सिलाई मशीन खरीदी। सिलाई कार्य से उनकी आमदनी बढ़ने लगी। इसके बाद उन्होंने फिर से ग्राम संगठन से ऋण लेकर गाय खरीद पशुपालन प्रारंभ किया। गाय का दुघ भी आमदनी का जरिया बना। इसी बीच अनिता ने अपनी बचत एवं सामुदायिक संगठन के ऋण से प्रिंटर लगवा लिया। इस कार्य से भी उनकी आमदनी में इजाफा हुआ। इस कार्य को लेकर अनिता को आमदनी का तीन जरिया हो गया और आज उनकी मासिक आय 20 हजार से अधिक हो गयी. अनिता लखपति दीदी की श्रेणी में शामिल हैं।
नावकोठी प्रखंड अंतर्गत विष्णुपुर पंचायत की कल्पना कुमारी एक सफल कृषि उद्यमी हैं। कभी घर की चारदीवारी तक सीमित, कम बोलने वाली, और आत्मविश्वास की कमी से जूझती हुई जीवन व्यतीत करने वाली कल्पना का जीवन तब बदला जब वह लक्की जीविका स्वयं सहायता समूह और आकाश जीविका महिला विकास स्वावलंबी सहकारी समिति से जुड़ी। बैठकों में आते-जाते उन्होंने सीखा कि महिलाएँ संगठित होकर कितनी बड़ी ताकत बन सकती हैं।
अपने क्षेत्र की जरूरतों को समझते हुए उन्होंने कृषि उद्यमी की भूमिका अपनाई। आज कल्पना दीदी अपने गाँव में समय से खाद उपलब्ध कराने का कार्य करती हैं, जिससे किसानों को काफी राहत मिलती है। समय पर कृषि इनपुट उपलब्ध होने से न सिर्फ किसानों की पैदावार बेहतर होती है, बल्कि गाँव में उनका सम्मान भी बढ़ा है। कृषि उद्यमिता के साथ-साथ कल्पना ने आधुनिक आटा चक्की को स्थापित किया. जिससे उनकी आय में निरंतर बढ़ोतरी हुई है। तेघड़ा प्रखंड अंतर्गत निपनिया फुलवरिया की रूबी देवी सितारा जीविका स्वयं सहायता समूह की सक्रिय सदस्य हैं। वर्तमान में वे आंचल जीविका महिला ग्राम संगठन एवं बढ़ते कदम जीविका महिला विकास स्वावलंबी सहकारी लिमिटेड से भी जुड़ी हुई हैं। जीविका से जुड़ने से पहले रूबी देवी की आर्थिक स्थिति अत्यंत दयनीय थी।
जीविका समूह से जुड़ने के बाद रूबी देवी के जीवन में बदलाव की शुरुआत हुई। जीविका दीदियों के मार्गदर्शन से उन्हें आत्मविश्वास मिला और उन्होंने अपने लिए आगे बढ़ने का रास्ता चुना। रूबी देवी ने स्वयं सहायता समूह से ₹20,000 का ऋण प्राप्त कर कपड़ा व्यवसाय की शुरुआत की। शुरुआती दिनों में कठिनाइयाँ आईं, लेकिन उन्होंने धैर्य और मेहनत से काम जारी रखा। व्यवसाय में सफलता मिलने पर उन्होंने ₹35,000 तथा बाद में ₹50,000 का अतिरिक्त ऋण प्राप्त कर अपने कारोबार को और आगे बढ़ाया। आज उनका कपड़े सिलाई एवं विपणन का व्यवसाय अच्छे ढंग से चल रहा है और उनकी मासिक आमदनी लगातार बढ़ रही है। रूबी देवी को मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के अंतर्गत ₹10,000 की सहायता राशि भी प्राप्त हुई, जिससे उनके व्यवसाय को और मजबूती मिली।
भगवानपुर प्रखंड अंतर्गत दोहता मोख्तियारपुर की विवक देवी एक साधारण ग्रामीण परिवार से आती हैं। सीमित संसाधनों और जिम्मेदारियों के बीच उनका जीवन भी अन्य ग्रामीण महिलाओं की तरह ही चल रहा था। घरेलू खर्च, बच्चों की पढ़ाई और भविष्य की चिंता हमेशा मन में बनी रहती थी। लेकिन विवेक देवी के भीतर कुछ अलग करने की चाह थी। 2014 में विवेक देवी ने जीविका स्वयं सहायता समूह से जुड़कर अपने जीवन की दिशा बदलने की शुरुआत की। वे मोख्तियारपुर पंचायत के क्रांति स्वयं सहायता समूह की सदस्य बनीं। समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने सबसे पहले बचत और आपसी सहयोग का महत्व समझा। नियमित बैठकों में भाग लेते हुए उन्होंने न सिर्फ बचत करना शुरू किया, बल्कि समूह की अन्य दीदियों से सीखना भी शुरू किया।
कुछ समय बाद विवेक देवी ने समूह के माध्यम से बचत के साथ-साथ कई बार ऋण लेकर आयवर्धक गतिविधि शुरू करने का निर्णय लिया। उन्होंने मेहनत और लगन से काम किया और धीरे-धीरे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने लगीं। इसके बाद उन्होंने सब्जी उत्पादन, धान की खेती एवं कृषि कार्यों में सक्रिय भागीदारी शुरू की। इससे उनकी आय में बढ़ोतरी हुई और परिवार की स्थिति में भी सुधार आया। इसके साथ ही विवक देवी ने पशुपालन का कार्य भी प्रारंभ किया। वर्तमान में विवेक देवी को मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत ₹10,000 की राशि प्राप्त हुआ है. आज वे न सिर्फ अपने परिवार की आर्थिक जरूरतें पूरी कर रही हैं, बल्कि अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन चुकी हैं। विवक तिलक संकुल संघ की अध्यक्ष हैं और अपने संकुल संघ से जुड़ी 6200 दीदियों के बेहतरी के लिए कार्य कर रही हैं.
बेगूसराय के प्रबंधक संचार राजीव रंजन भी नई दिल्ली में 26 जनवरी 2026 को कर्तव्य पथ पर आयोजित होने वाले 77 वें गणतंत्र दिवस समारोह में विशेष अतिथि के रूप में शामिल होंगे। जीविका द्वारा राजीव रंजन को भी गणतंत्र दिवस के मुख्य समारोह में शामिल होने के लिए नामित किया गया है। राजीव रंजन जीविका के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण, आजीविका संवर्धन, सरकारी योजनाओं के प्रभावी प्रचार-प्रसार एवं जनसंपर्क के क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। खगड़िया निवासी राजीव पिछले 13 वर्षों से जीविका में प्रबंधक संचार के पद पर राज्य के विभिन्न जिलों में अपनी सेवा दे चुके हैं। वर्तमान में वे बेगूसराय में पदस्थापित हैं।
डीएनबी भारत डेस्क
