साहित्य जगत में छाए डॉ. जाफ़री: नई दिल्ली में विमोचित हुई पंद्रहवीं पुस्तक, हिंदी गजल की आलोचना को मिलेगी नई दिशा
डीएनबी भारत डेस्क
वीरपुर प्रखंड के भवानंदपुर निवासी साहित्यकार डॉ.ज़ियाउर रहमान जाफ़री की नई पुस्तक हिंदी गजल विचार और विस्तार का लोकार्पण नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला 2026में इंक प्रकाशन इलाहाबाद के द्वारा किया गया ।. इसमें देश भर के महत्वपूर्ण साहित्यकार, चिकित्सक और समाजसेवी मौजूद थे,।

जिनमें डॉ. मोनिका शर्मा, सविता सिंह सैवी,दिनेश कुशवाहा, मुकेश गुप्ता, सुरभि जैन और प्रेशा आदि के नाम महत्वपूर्ण हैं.।इस अवसर पर प्रकाशक और साहित्यकार दिनेश कुशवाहा ने कहा कि हिंदी में गजल मोटे तौर पर भारतेंदु के समय से लिखी जाती रही है,। लेकिन गजल की आलोचना का काम काफी देर से शुरू हुआ.। यह पुस्तक हिंदी ग़ज़ल की आलोचना को विस्तार देती हुई उसकी जरूरत पूरी करती है.। उल्लेखनीय है कि जाफरी की ये पंद्रहवीं पुस्तक हैं।.
इससे पहले हिंदी गजल महत्व और मूल्यांकन, गजल लेखन परंपरा और हिंदी ग़ज़ल का विकास, खुले दरीचे की खुशबू आदि कई पुस्तकें उनकी प्रकाशित हो चुकी हैं.।इसी मेले में उनकी एक और पुस्तक ‘परवीन शाकिर की लोकप्रिय ग़ज़लें ‘भी काफ़ी चर्चे में है।.उन्हें बिहार सरकार समेत कई सरकारी और ग़ैर सरकारी पुरस्कार भी प्राप्त हुए हैं.। नासिक के पाठ्यक्रम में उनकी बाल कविताएं भी शामिल हैं.। बीरपुर प्रखंड के कवि,साहित्यकार अशांत भोला, शाद भवनंदपुरी,मनोज कुमार झा आदि ने उनकी इस पुस्तक की प्रशंसा की है.
बेगूसराय वीरपुर संवाददाता गोपल्लव झा की रिपोर्ट