डीएनबी भारत डेस्क
बेगूसराय के सांसद सह केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह चार दिवसीय दौरे पर बेगूसराय पहुंचे हैं, जहां वे विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। दौरे के पहले ही दिन उन्होंने राजनीतिक बयानबाजी तेज करते हुए महागठबंधन, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी पर तीखा हमला बोला।

महागठबंधन पर निशाना साधते हुए गिरिराज सिंह ने उसकी एकता पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “महागठबंधन है कहां? चुनाव के समय राहुल गांधी के आसपास सब सट जाते हैं, बाद में कोई नहीं रहता। सब संतरे की तरह बिखरे हुए हैं।
ममता बनर्जी पर गंभीर आरोप
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को लेकर गिरिराज सिंह ने कहा कि बंगाल का एक-एक व्यक्ति उन्हें संविधान विरोधी बता रहा है। उन्होंने ईडी कार्रवाई का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि, “आज तक कहीं देखा गया है कि कोई मुख्यमंत्री ईडी के हाथों से कागजात छीनकर बाहर आए और कहे कि ये गुप्त दस्तावेज थे। अगर गुप्त थे तो क्या वह पार्टी दफ्तर था?
उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी को डर था कि दस्तावेज मिलने से अभिषेक बनर्जी फंस सकते हैं, इसलिए डीजीपी को साथ लेकर ईडी दफ्तर से कागजात ले जाए गए। गिरिराज सिंह ने कहा, “इतने बड़े डकैत हैं कि डीजीपी को साथ लेकर कागजात चुरा लिए गए। आखिर चुराने की जरूरत क्यों पड़ी?
उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया देख रही है कि “उल्टे चोर कोतवाल को डांट रहे हैं” और गृह मंत्री अमित शाह पर आरोप लगाए जा रहे हैं। साथ ही उन्होंने दावा किया कि अमित शाह को गाली देने से बंगाल की जनता भ्रमित नहीं होगी।
बंगाल को बांग्लादेश बनाने का आरोप
गिरिराज सिंह ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी बंगाल को घुसपैठियों के हवाले करना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि बंगाल का शायद ही कोई जिला बचा हो जहां हिंदू डरे और सहमे हुए न हों। उन्होंने हिंदुओं से डर से बाहर निकलकर राज्य को बचाने की अपील की।
ओवैसी पर भी हमला
एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए गिरिराज सिंह ने कहा कि ओवैसी जैसे नेता कभी मुंबई की मेयर और कभी प्रधानमंत्री के बुर्का पहनने की बात करते हैं। उन्होंने सवाल किया, “आखिर ये क्या फैलाना चाहते हैं?
उन्होंने कहा कि देश में राष्ट्रपति भारतीय जनता पार्टी ने बनाया है और अगर किसी के मन में “गजवा-ए-हिंद” का सपना है, तो वह जान ले कि ऐसा कभी नहीं होगा। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि देश में न दूसरा पाकिस्तान बनेगा, न गजवा-ए-हिंद होगा और न ही शरिया कानून लागू होगा।
गिरिराज सिंह ने कहा कि भारत रत्न डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम जैसे व्यक्तित्व को पूरा देश सम्मान देता है, लेकिन नफरत फैलाने वालों को देश कभी नेता नहीं मानेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि ओवैसी जैसे नेता समाज में हिंदू-मुसलमान के नाम पर द्वेष फैलाने का काम करते हैं, जिसे देश स्वीकार नहीं करेगा।
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