समाज और बच्चों में सिक्की आर्ट की जागरूकता जरुरी – बीडीओ

DNB Bharat Desk

खोदावंदपुर/बेगूसराय। आज पहली बार सिक्की आर्ट देखने का मौका मिला है। इसके लिए बच्चों और समाज में सिक्की आर्ट की जागरूकता जरूरी है। उपर्युक्त बातें प्रखंड विकास पदाधिकारी नवनीत नमन ने कहीं, वे सीडी फोर्ट पब्लिक स्कूल नारायणपुर परिसर में रविवार को बाल मेला के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि छह माह या साल में एक बार सरकारी विद्यालयों में भी इस तरह की कार्यक्रम होना चाहिये, ताकि छात्र-छात्राओं के बीच छीपी प्रतिभा को वे निखार सकें, बीडीओ ने कहा कि विद्यालय प्रबंधन के द्वारा जिस तरह से बच्चों के बीच शिक्षा, अनुशासन, आर्ट, खेल, नृत्य, संगीत आदि के प्रति जागरूक किया जा रहा है,यह काफी सराहनीय कदम है।

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यहां का व्यवस्था काफी बेहतर है और हमारे समाज, गांव, प्रखंड के बच्चे ज्ञान ले रहे हैं, यह भी काफी अच्छी बात है। वहीं स्कूल की चेयरमैन मंजु सनगही ने कहा कि स्वास्थ्य के दृष्टि से देखा जाए तो यह सर्दियों का मौसम बेहतरीन होता है। और यह मौसम सबको अच्छा लगता है, तथा इस मौसम में बच्चों के बीच इस तरह का उत्सव किया जाता है। तो इसका आनंद दोगुना हो जाता है। चेयरमैन ने कहा कि इस विद्यालय में आठ दिसंबर को साइंस फेयर, आर्ट ग्राफ्ट और बच्चों के बीच बाल मेला का आयोजन किया गया है। इसमें बेहतर प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत भी किया जायेगा।उन्होंने कहा कि ग्राफ्ट को सिक्की, धान का पुआल और आसानी से मिलने वाले चीजों से बच्चों द्वारा कला का प्रदर्शन किया गया है।

समाज और बच्चों में सिक्की आर्ट की जागरूकता जरुरी - बीडीओ 2आगे चलकर बच्चे अपने जीवन में जीविकोपार्जन की जरिया भी बना सकते हैं,सीडी फोर्ट बच्चों को एक हुनर देने का प्रयास किया है। इस मौके पर विद्यालय के निदेशक एस के सिंह ने कहा कि बाल मेला से बच्चों के बीच सर्वांगीण विकास होता है, प्रत्येक व्यक्ति में हर प्रकार का हुनर होता है। इसलिए सीडी फोर्ट शिक्षकों के सहयोग से बच्चों ने सिक्की आर्ट में अपना कला का प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि स्कूली बच्चों के द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया है। इससे पूर्व आगत अतिथियों के द्वारा दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम को सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक राज नारायण चौधरी, रामकृष्ण पोद्दार, रामेश्वर महतो समेत अन्य वक्ताओं ने भी अपना-अपना विचार रखें।

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