नालंदा: छठवर्तियो ने उगते हुए सूर्य को दिया अर्घ्य,दूसरी अर्घ्य के साथ संपन्न हुआ छठ पूजा

DNB Bharat Desk

 

डीएनबी भारत डेस्क

नालंदा जिले में भगवान सूर्य और छठी मैया को समर्पित छठ के पर्व का चौथा और आखिरी दिन ऊषा अर्घ्य के रूप में मनाया जाता है। छठ पूजा के चौथे दिन उगते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है। छठ की शुरुआत नहाय-खाय से होती है।

इसके बाद दूसरे दिन खरना होता है. तीसरा दिन संध्या अर्घ्य होता है और चौथे दिन को ऊषा अर्घ्य के नाम से जाना जाता है। कार्तिक माह की शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि के दिन छठ पूजा की जाती है। यह पूजा भगवान सूर्य और उनकी पत्नी ऊषा को समर्पित होती है। सुबह होते ही छठ घाट पर उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देकर अपने परिवार की सुख शांति के लिए भगवान भास्कर से प्रार्थना की।

नालंदा: छठवर्तियो ने उगते हुए सूर्य को दिया अर्घ्य,दूसरी अर्घ्य के साथ संपन्न हुआ छठ पूजा 2दूसरी अर्थ देते ही 36 घंटे का निर्जला उपवास के साथ साथ छठ पूजा का समापन हो गया। छठ वर्तियों की सुहुलियत को देखते हुए छठ घाट पर सुरक्षा की पुख्ता इंतजाम किए गए थे।

 

ऋषिकेश संवाददाता नालंदा

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