जर्जर तार-पोल बदलकर दूसरे रास्ते से बिजली बहाल करने की मांग, 300 उपभोक्ता परेशान
डीएनबी भारत डेस्क
बेगूसराय जिले के बछवाड़ा प्रखंड अंतर्गत गोधना पंचायत के नवादा गांव में पिछले दस दिनों से बिजली आपूर्ति ठप रहने से ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ गया है। बिजली संकट से परेशान सैकड़ों ग्रामीणों ने बुधवार को विद्युत आपूर्ति अवर प्रमंडल कार्यालय, बछवाड़ा के समक्ष प्रदर्शन किया। इस दौरान ग्रामीणों ने विद्युत विभाग के अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और जल्द से जल्द बिजली आपूर्ति बहाल करने की मांग की।
प्रदर्शन में शामिल विद्युत उपभोक्ता कमल पासवान, हीरा पासवान, अकलू पासवान, राजीव पासवान, रौशन पासवान, ललिता देवी, मुन्नी देवी और अशोक पासवान सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि पिछले दस दिनों से गांव में बिजली नहीं है। नवरात्र जैसे पर्व के दौरान भी बिजली आपूर्ति ठप रहने से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बिजली नहीं रहने के कारण बच्चों की पढ़ाई, मोबाइल चार्ज करने, पंखा चलाने और घरेलू कामकाज में काफी दिक्कतें हो रही हैं। वहीं, बरसात के मौसम में कीड़े-मकोड़ों का खतरा भी बना रहता है। ग्रामीणों का आरोप है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद विद्युत विभाग के कनीय अभियंता और सहायक विद्युत अभियंता इस समस्या के समाधान को लेकर गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं।
जर्जर तार-पोल से हादसों का खतरा, ग्रामीणों ने उठाए सवाल
ग्रामीणों ने बताया कि नवादा गांव में बिजली आपूर्ति के लिए लगाए गए तार और पोल लंबे समय से जर्जर अवस्था में हैं। उनका आरोप है कि गांव तक जाने वाली लगभग तीन किलोमीटर लंबी विद्युत लाइन में 11 हजार वोल्ट की लाइन के स्थान पर 440 वोल्ट के तार लगाए गए हैं। यह लाइन कई बगीचों और मकानों के ऊपर से गुजरती है। जर्जर तार और पोल के कारण अक्सर तार टूटकर गिरते रहते हैं, जिससे लोगों की जान-माल पर खतरा बना हुआ है।
ग्रामीणों का दावा है कि पिछले तीन वर्षों के दौरान बिजली के तार गिरने से चार लोगों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा कई मवेशियों की भी जान जा चुकी है। हाल ही में तार गिरने से एक किसान की मौत होने के बाद ग्रामीणों का आक्रोश और बढ़ गया था। उस समय ग्रामीणों ने विद्युत विभाग के खिलाफ विरोध जताते हुए एनएच-28 को जाम कर दिया था।
ग्रामीणों की मुख्य मांग है कि जर्जर तार और पोल को बदलकर विद्युत लाइन को दूसरे सुरक्षित रास्ते से ले जाया जाए, ताकि बगीचों और घरों के ऊपर से गुजरने वाली 11 हजार वोल्ट की लाइन से होने वाले हादसों पर रोक लग सके। ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग पुराने और जर्जर तार-पोल से ही बिजली आपूर्ति बहाल करना चाहता है, जिसका वे विरोध कर रहे हैं। इसी विवाद के कारण गांव में पिछले दस दिनों से बिजली आपूर्ति बंद है।
चार वार्डों के करीब 300 उपभोक्ता प्रभावित
बिजली संकट का असर गोधना पंचायत के वार्ड संख्या 5, 7, 11 और 12 पर पड़ा है। इन वार्डों के करीब 300 विद्युत उपभोक्ताओं को बिजली के बिना रहना पड़ रहा है।
स्थानीय विद्युत उपभोक्ता भूषण महतो ने बताया कि वर्ष 2023 से 2025 के बीच तीन बार स्थानीय सांसद सह केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह की अनुशंसा के साथ विभाग को आवेदन दिया गया। इसके बावजूद जर्जर तार-पोल को बदलने की दिशा में ठोस पहल नहीं की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग के सहायक विद्युत अभियंता ने भी समस्या की गंभीरता से अपने वरीय अधिकारियों को अवगत कराने में अपेक्षित तत्परता नहीं दिखाई।
वहीं, गोधना पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि राजीव चौधरी ने विद्युत विभाग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि गोधना गांव से नवादा गांव तक लगभग ढाई से तीन किलोमीटर लंबी विद्युत लाइन पेड़-पौधों और लोगों के घरों के ऊपर से गुजरती है। इस कारण लगातार हादसों का खतरा बना रहता है। उन्होंने आरोप लगाया कि विद्युत तार को नए रास्ते से ले जाने के संबंध में विभागीय जेई और एसडीओ से बात करने पर 40 हजार रुपये की मांग की जा रही है। हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
दो घंटे प्रदर्शन के बाद सौंपा मांगपत्र
प्रदर्शन की सूचना मिलने के बावजूद विद्युत विभाग के एसडीओ और जेई के कार्यालय नहीं पहुंचने से ग्रामीणों में नाराजगी देखी गई। करीब दो घंटे तक प्रदर्शन करने के बाद ग्रामीणों ने कार्यालय में मांगपत्र सौंपा और जल्द से जल्द बिजली आपूर्ति बहाल करने की मांग की।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द बिजली आपूर्ति शुरू नहीं की गई और जर्जर तार-पोल बदलने की मांग पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी विद्युत विभाग की होगी।
इधर, विद्युत विभाग का पक्ष: मामले में विद्युत कार्यपालक अभियंता नटवर लाल गुप्ता ने बताया कि विद्युत तार जोड़ने का विरोध करने वालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही गांव में बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।
अब देखना होगा कि विभाग ग्रामीणों की सुरक्षा संबंधी मांगों पर क्या कदम उठाता है और नवादा गांव में बिजली संकट का समाधान कब तक हो पाता है।
बेगूसराय बछवाड़ा संवाददाता मनोज कुमार राहुल की रिपोर्ट