डीएनबी भारत डेस्क
भगवानपुर (बेगूसराय)। तेयाय ओपी क्षेत्र के लखनपुर पंचायत स्थित अतरुआ गांव में गुरुवार को 22 वर्षीय अभिषेक कुमार का शव पहुंचते ही घर में चीख-पुकार मच गई। परिजनों के विलाप से माहौल गमगीन हो गया। मां शांति देवी, बहन मधु देवी व निशा देवी का रो-रोकर बुरा हाल था। वहीं बड़े भाई अमित साह अपने छोटे भाई की मौत से बदहवास नजर आए। पुत्र की मौत के सदमे में पिता रामसेबक साह भी अचेत हो गए।
जानकारी के अनुसार, अतरुआ निवासी रामसेबक साह का पुत्र अभिषेक चार दिन पहले चेरिया बरियारपुर थाना क्षेत्र के सकरबासा गांव अपनी फुआ के घर गया था। वहां वह फुआ की सास के श्राद्धकर्म में शामिल होने पहुंचा था। बुधवार शाम वह बाइक से अपने घर लौट रहा था। बताया गया कि फुआ ने शाम में निकलने से मना भी किया था, लेकिन अभिषेक ने ट्यूशन छूटने की बात कहकर घर के लिए प्रस्थान किया।
सकरबासा से करीब तीन किलोमीटर आगे एसएच-55 पर सकरौली स्कूल के पास उसकी अपाचे बाइक बस की चपेट में आ गई। बस रोसड़ा से सिलीगुड़ी जा रही थी। हादसे में अभिषेक की मौके पर ही मौत हो गई।
गुरुवार दोपहर करीब दो बजे पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचा। शव पहुंचते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण घर पर जुट गए। पिता और बड़े भाई को स्कॉर्पियो से उतारकर लोगों ने संभाला। पूरे गांव में मातम छा गया।
अभिषेक दो भाइयों में छोटा था। उसके पिता और बड़ा भाई अमित दिल्ली में रहते हैं। परिजनों के अनुसार, अमित अपने छोटे भाई को बेहद प्यार करते थे और उसकी जरूरतों का हमेशा ध्यान रखते थे। अभिषेक बीए का छात्र था और गांव में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी कर रहा था। उसकी दोनों बहनों मधु और निशा की शादी हो चुकी है।
ग्रामीणों ने बताया कि अभिषेक शांत, मिलनसार और आज्ञाकारी स्वभाव का था। गांव में किसी का काम होने पर वह मदद के लिए हमेशा आगे रहता था। घटना के बाद उसके मित्र भी सदमे में हैं।
कांग्रेस नेता सह पूर्व जिला पार्षद राम स्वार्थ साह ने घटना पर दुख जताते हुए सरकार से मृतक के परिजनों को आर्थिक सहायता देने की मांग की। बाद में अयोध्या घाट पर अभिषेक का अंतिम संस्कार किया गया।
बेगूसराय भगवानपुर संवाददाता गणेश प्रसाद की रिपोर्ट