जदयू की ओर से फरक्का जल संधि पर नीतीश संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है – रुदल राय
डीएनबी भारत डेस्क
जदयू की ओर से फरक्का जल संधि पर नीतीश संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। राज्यहित से जुड़े इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर जन जागरूकता कार्यक्रम संगठन द्वारा चलाया जा रहा है। उक्त बातें बरौनी प्रखंड में आयोजित जिला जदयू महिला प्रकोष्ठ की बैठक के माध्यम से जदयू कार्यकर्ताओं से संवाद करते हुए पूर्व जिलाध्यक्ष सह पूर्व एमएलसी रुदल राय ने कहा। फरक्का बराज एवं फरक्का जल संधि के कारण बिहार को पिछले तीन दशकों से गंभीर पर्यावरणीय और आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।

फरक्का बराज के कारण गंगानदी में भारी गाद/ सिलट जमा हो जाने से नदी का तल ऊँचा हो गया है और उसके प्राकृतिक प्रवाह में रूकावट आई है। इस कारण मानसून के दिनों में उत्तर बिहार के तटीय जिलों को भयंकर बाढ़ का सामना करना पड़ता है। वहीं फरक्का जल संधि के कारण हमें गंगा और इसकी सहायक नदियों का पानी फरक्का बराज पर देना पड़ता है, जिससे हम सिचाई, पयजल और विकासत्मक कार्यो के लिए जल का पर्याप्त उपयोग नही कर पाते हैं। इस तरह फरक्का के कारण बिहार का जल प्रबंधन बिगड़ा है, जिससे बाढ़ और सुखाड़ दोनों का चक्र तेज हुआ।
उन्होंने कहा की इसके तहत जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष सह राजयसभा सांसद संजय कुमार झा एवं बिहार प्रदेश जदयू अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा द्वारा पहले चरण में बिहार प्रदेश के गंगा किनारे बसे 12 जिलों क्रमशः बक्सर, भोजपुर, सारण, पटना, वैशाली, समस्तीपुर, बेगूसराय, लखीसराय, मुंगेर, खगड़िया, भागलपुर, और कटिहार जिले में जाकर संवाद करेंगें। उक्त कार्यक्रम में सभी प्रमंडल प्रभारी, जिला प्रभारी, जिला और प्रखंड स्तरीय कमिटी के सभी सदस्यों,प्रकोष्ठ अध्यक्ष, पंचायत अध्यक्ष, बूथ अध्यक्ष सक्रिय कार्यकर्ताओं के अलावा प्रदेश वो राष्ट्र स्तर के पार्टी पदाधिकारियों, विधानमंडल दल के सदस्यों एवं सांसदों की भी उपस्थिति रहेगी। उन्होंने अपील करते हुए कहा अपनी सहभागिता से बेगूसराय जिले में इस कार्यक्रम का सफल आयोजन सुनिश्चित करेंगें।
आगे श्री राय ने कहा की बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री सह जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार प्रारम्भ से ही कहते रहे हैं कि फरक्का बराज और फरक्का जल संधि से बिहार को भारी नुकसान हो रहा है। अभी हाल में सांसद के मानसून सत्र में जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष सह राज्य सभा सांसद संजय कुमार झा राज्य सभा में स्पष्ट तौर पर कहा कि यह संधि बिहार के हित में नही है, इसलिए इसका नवीनीकरण नही होना चाहिए और अगर कोई संधि होती भी है तो बिहार की वर्ष 2050, तक की जल आवश्यकता को ध्यान में रखा जाना चाहिए।
जैसा की आप सभी पाठकगण जानते हैं की 12 दिसम्बर, 1996 को फरक्का जल संधि हुई थी। इसके तहत भारत और बंगलादेश के बीच गंगा नदी के जल बाँटवारे को लेकर 30 वर्ष का द्वीपक्षिय समझौता हुआ था। इस संधि की 30 वर्षो बाद समय सीमा दिसम्बर, 2026 में समाप्त हो रही है।
बेगूसराय बीहट संवाददाता धरमवीर कुमार की रिपोर्ट
आगे श्री राय ने कहा की बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री सह जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार प्रारम्भ से ही कहते रहे हैं कि फरक्का बराज और फरक्का जल संधि से बिहार को भारी नुकसान हो रहा है। अभी हाल में सांसद के मानसून सत्र में जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष सह राज्य सभा सांसद संजय कुमार झा राज्य सभा में स्पष्ट तौर पर कहा कि यह संधि बिहार के हित में नही है, इसलिए इसका नवीनीकरण नही होना चाहिए और अगर कोई संधि होती भी है तो बिहार की वर्ष 2050, तक की जल आवश्यकता को ध्यान में रखा जाना चाहिए।
जैसा की आप सभी पाठकगण जानते हैं की 12 दिसम्बर, 1996 को फरक्का जल संधि हुई थी। इसके तहत भारत और बंगलादेश के बीच गंगा नदी के जल बाँटवारे को लेकर 30 वर्ष का द्वीपक्षिय समझौता हुआ था। इस संधि की 30 वर्षो बाद समय सीमा दिसम्बर, 2026 में समाप्त हो रही है।
बेगूसराय बीहट संवाददाता धरमवीर कुमार की रिपोर्ट