बिहार में पहली बार आयोजित एफएआई कार्यशाला का हर्ल बरौनी बना मेजबान
डीएनबी भारत डेस्क

फर्टिलाइजर एसोसिएशन ऑफ इंडिया एफएआई द्वारा आयोजित “वर्कशॉप ऑन इनर्जी कंसर्वेशन इन फ़र्टिलाइजर इंडस्ट्री ” का आयोजन 19 से 22 अगस्त 2026 तक बरौनी, बिहार में किया जा रहा है।
बिहार में पहली बार आयोजित हो रही इस महत्वपूर्ण कार्यशाला के लिए हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड (हर्ल ), बरौनी इकाई को मेजबान संगठन होने का गौरव प्राप्त हुआ है। कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि डॉ. सुरेश कुमार चौधरी, महानिदेशक, एफएआई , नई दिल्ली, विशिष्ट अतिथि आर के चोपड़ा, प्रबंध निदेशक, केएफएल , नोएडा तथा नितिन सक्सेना, बिजनेस यूनिट हेड, हर्ल बरौनी एक साथ मंचासीन रहे। इस आयोजन को बरौनी में साकार करने में डॉ. सिबा प्रसाद मोहंती, प्रबंध निदेशक, हर्ल एवं सह-अध्यक्ष, एफएआई की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
हर्ल और एफएआई —दोनों संस्थानों में महत्वपूर्ण दायित्व संभाल रहे।डॉ. मोहंती के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में यह कार्यशाला उर्वरक उद्योग के विभिन्न संगठनों, विशेषज्ञों और तकनीकी पेशेवरों को एक साझा मंच पर लाने का अवसर प्रदान कर रही है। उनकी दूरदर्शिता और संस्थागत नेतृत्व ने इस आयोजन को बिहार में आयोजित होने वाली एक महत्वपूर्ण औद्योगिक पहल का स्वरूप देने में अहम योगदान दिया है। यह कार्यशाला देश के प्रमुख उर्वरक संगठनों के लिए विचारों, अनुभवों, तकनीकी ज्ञान और सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों के आदान-प्रदान का एक साझा मंच एवं विचारों का संगम बन रही है।
इफको , करिभको , आर सीएफ , एनएफएल , एफएसीटी , हर्ल , जीएनएफसी सहित उर्वरक क्षेत्र के अनेक प्रमुख संगठन इसमें भाग ले रहे हैं। इन संस्थानों की सहभागिता ऊर्जा संरक्षण, दक्षता, तकनीकी नवाचार और सतत विकास की दिशा में सामूहिक प्रयासों को मजबूत करने के साथ-साथ उर्वरक उद्योग को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की साझा प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है। एफएआई भारत के उर्वरक उद्योग का एक प्रमुख राष्ट्रीय संगठन है, जो उर्वरक क्षेत्र से जुड़े तकनीकी, आर्थिक और नीतिगत विषयों पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
यह उद्योग में ज्ञान-विनिमय, तकनीकी सहयोग, अनुसंधान तथा ऊर्जा दक्षता और सतत विकास जैसी पहलों को प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण योगदान देता है। बरौनी में इस कार्यशाला का आयोजन बिहार के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह आयोजन राज्य को उर्वरक उद्योग में तकनीकी ज्ञान, विशेषज्ञता एवं सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों के राष्ट्रीय मंच से जोड़ने के साथ-साथ देश के उर्वरक क्षेत्र को अधिक ऊर्जा-कुशल, प्रतिस्पर्धी और सतत बनाने की दिशा में एक सार्थक पहल है।
बेगूसराय बीहट संवाददाता धरमवीर कुमार की रिपोर्ट