डीएनबी भारत डेस्क
नालंदा जिला कांग्रेस की बैठक में कार्यकर्ताओं ने पार्टी नेतृत्व की नीतियों को लेकर जमकर नाराजगी जताई। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि विधानसभा चुनाव के दौरान स्थानीय नेताओं और निष्ठावान कार्यकर्ताओं की अनदेखी कर बाहरी उम्मीदवारों को मैदान में उतारा जाता है, जिससे पार्टी को लगातार नुकसान उठाना पड़ता है।

बिहार कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जमाल अहमद भल्लू ने कहा कि कांग्रेस के प्रति समर्पित कार्यकर्ता को कोई पार्टी से बाहर नहीं कर सकता। वहीं पूर्व विधायक छत्रपति यादव और पूर्व महासचिव नागेंद्र प्रसाद विकल ने कहा कि कार्यकर्ता 8 सितंबर को दिल्ली पहुंचकर शीर्ष नेतृत्व के सामने अपनी बात रखेंगे।
नेताओं ने आगामी चुनाव में निष्ठावान कार्यकर्ताओं को सम्मान और जिम्मेदारी देने की मांग की।कार्यकताओं ने कहा कि हमेशा विधानसभा चुनाव के दौरान स्थानीय कार्यकर्ता को छोड़कर बाहरी उम्मीदवार को चुनावी मैदान में उतारा जाता है जिसके कारण हमारी पार्टी चुनाव हार जाती है,2025 के विधानसभा चुनाव में जिस प्रकार पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं बिहार कांग्रेस के प्रभारी ने कार्यकर्ताओं को जमीनदोज करने का काम किया और उसकी अस्मिता के साथ खिलवाड़ करने का काम किया
उससे आज बिहार प्रदेश कांग्रेस तमिलनाडु और बंगाल की तरह बनने की कगार पर खड़ा है.सबसे बड़ी बात यह है कि जिस जगह पर कांग्रेस की बैठक हुई वहां से महज एक किलोमीटर की दूरी पर स्थित कांग्रेस कार्यालय है।बावजूद बैठक कार्यालय में न करके निजी सभागार में की गई।
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