डीएनबी भारत डेस्क
बेगूसराय के मॉडल सदर अस्पताल से स्वास्थ्य व्यवस्था की एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने करोड़ों रुपये की लागत से बने इस अस्पताल की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पिछले तीन दिनों से अस्पताल की लिफ्ट खराब पड़ी है। नतीजा यह है कि गंभीर मरीजों को स्ट्रेचर समेत सीढ़ियों के रास्ते कंधे पर उठाकर ग्राउंड फ्लोर से फर्स्ट फ्लोर तक पहुंचाया जा रहा है। इस पूरी घटना का वीडियो और तस्वीरें अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं।

वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि अस्पताल के स्वास्थ्यकर्मी और मरीज के परिजन मिलकर स्ट्रेचर को अपने कंधों पर उठाकर पहली मंजिल तक ले जा रहे हैं। लिफ्ट बंद रहने के कारण रोजाना मरीजों को इसी तरह वार्ड तक पहुंचाना पड़ रहा है। गंभीर मरीजों के लिए यह व्यवस्था काफी जोखिम भरी साबित हो रही है।
स्वास्थ्यकर्मियों का कहना है कि कई मरीजों का वजन अधिक होता है। ऐसे मरीजों को स्ट्रेचर सहित सीढ़ियों से ऊपर ले जाना बेहद कठिन होता है। मरीज को वार्ड तक पहुंचाते-पहुंचाते कंधों में दर्द होने लगता है और शरीर पूरी तरह थक जाता है। वहीं मरीजों के परिजनों ने भी कहा कि मॉडल अस्पताल में इस तरह की स्थिति बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उनका कहना है कि अगर किसी मरीज की हालत गंभीर हो जाए तो उसे समय पर वार्ड तक पहुंचाना भी चुनौती बन जाता है।
सिर्फ लिफ्ट ही नहीं, अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड की व्यवस्था भी सवालों के घेरे में है। यहां पर्याप्त पंखों की व्यवस्था नहीं है और एक टेबल फैन के सहारे मरीजों का प्राथमिक उपचार किया जा रहा है। भीषण गर्मी और उमस के बीच मरीज, उनके परिजन और स्वास्थ्यकर्मी सभी परेशान हैं। इलाज के दौरान स्वास्थ्यकर्मी पसीने से तर-बतर रहते हैं, जबकि मरीजों को भी गर्मी के बीच इलाज कराना पड़ रहा है।
इस मामले में सदर अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि लिफ्ट खराब होने की सूचना मिलने के बाद उसे ठीक करा दिया गया था। लेकिन दोबारा वह कैसे खराब हो गई, इसकी जानकारी फिलहाल नहीं है। तकनीकी टीम को बुलाया गया है और लिफ्ट को जल्द से जल्द दुरुस्त करा दिया जाएगा।
करोड़ों रुपये खर्च कर मॉडल सदर अस्पताल तो बना दिया गया, लेकिन अगर मरीजों को आज भी स्ट्रेचर सहित कंधे पर उठाकर वार्ड तक पहुंचाना पड़े, तो यह स्वास्थ्य व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। अब देखना होगा कि अस्पताल प्रशासन इस समस्या का स्थायी समाधान कब तक करता है, ताकि मरीजों और उनके परिजनों को इस तरह की परेशानी से राहत मिल सके।
डीएनबी भारत डेस्क