टोल प्लाजा पर पिकअप चालक के साथ गाली गलौज और मारपीट मामले में SDO ने लिया संज्ञान, मामले में शुरू की कार्रवाई

DNB Bharat Desk

बेगूसराय: जिले के बछवाड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत मुरलीटोल टोल प्लाजा पर हुए चर्चित विवाद एवं सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो मामले में अनुमंडल प्रशासन ने अब सख्त रुख अपनाया है। वायरल वीडियो में एक महिला द्वारा सड़क पर पिकअप चालक के साथ गाली-गलौज, अभद्र व्यवहार एवं हाथापाई करते हुए आवागमन बाधित करने का मामला सामने आने के बाद अनुमंडल पदाधिकारी तेघड़ा राकेश कुमार ने मामले का संज्ञान लेते हुए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 126 के तहत निरोधात्मक कार्रवाई प्रारंभ कर दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार बीते 21 मई की शाम लगभग 5 बजे बछवाड़ा थाना क्षेत्र के मुरलीटोल टोल प्लाजा के समीप राष्ट्रीय राजमार्ग-28 पर दो वाहनों के बीच विवाद उत्पन्न हो गया था। विवाद के दौरान एक महिला एवं पिकअप चालक के बीच तीखी नोकझोंक, गाली-गलौज एवं हाथापाई की स्थिति उत्पन्न हो गई, जिससे कुछ समय के लिए सड़क पर आवागमन भी प्रभावित हुआ। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसके बाद प्रशासनिक स्तर पर मामले की जांच कराई गई।

बछवाड़ा थाना में मामला दर्ज किया गया और जांच के आधार पर तेघड़ा थानांतर्गत चील्हाय निवासी चंदन कुमार की पत्नी ईशा कुमारी के विरुद्ध BNSS की धारा 126 के अंतर्गत कार्रवाई की गई है। पुलिस प्रतिवेदन में उल्लेखित तथ्यों एवं उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अनुमंडल पदाधिकारी द्वारा यह कार्रवाई की गई। मामले में विशेष चर्चा का विषय यह भी रहा कि ईशा कुमारी के पति केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) में कार्यरत हैं। हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून सभी के लिए समान है और किसी भी व्यक्ति को अपने पद, प्रभाव अथवा किसी सरकारी सेवा में कार्यरत परिजन के नाम पर कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
इस संबंध में अनुमंडल पदाधिकारी तेघड़ा राकेश कुमार ने कहा कि कानून की नजर में सभी नागरिक समान हैं। किसी भी व्यक्ति द्वारा अपने पद, प्रभाव, सामाजिक हैसियत अथवा सरकारी सेवा में कार्यरत परिजन के नाम का दुरुपयोग कर सार्वजनिक व्यवस्था को बाधित करना स्वीकार्य नहीं है।

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उन्होंने आगे कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर किसी भी प्रकार का विवाद होने पर नागरिकों को संयम एवं कानून का पालन करना चाहिए। किसी को भी स्वयं कानून हाथ में लेने का अधिकार नहीं है। यदि कोई व्यक्ति विधि-व्यवस्था भंग करने का प्रयास करता है तो प्रशासन उसके विरुद्ध आवश्यक कानूनी कार्रवाई करेगा। स्थानीय लोगों ने अनुमंडल प्रशासन की इस कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा कि इससे स्पष्ट संदेश गया है कि सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली घटनाओं को भी प्रशासन गंभीरता से लेता है और आवश्यक होने पर विधिसम्मत कार्रवाई करता है। लोगों का मानना है कि इस कार्रवाई से भविष्य में किसी भी व्यक्ति का मनोबल इस प्रकार की हरकतें करने के लिए नहीं बढ़ेगा तथा आम जनता के बीच कानून के प्रति सम्मान और प्रशासन पर विश्वास और मजबूत होगा।

प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि तेघड़ा अनुमंडल क्षेत्र में विधि-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा किसी भी व्यक्ति द्वारा सार्वजनिक शांति भंग करने, सड़क जाम करने अथवा कानून हाथ में लेने के प्रयास पर त्वरित एवं निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी। सुनवाई के दौरान ईशा कुमारी ने न्यायालय के समक्ष उपस्थित होकर अपने व्यवहार पर खेद व्यक्त किया तथा भविष्य में इस प्रकार की घटना की पुनरावृत्ति नहीं होने की बात कही।

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