डीएनबी भारत डेस्क
फ़सलों का उच्च मूल्य पाने के लिए मानकों के अनुरूप होना अत्यावश्यक है। इसके लिए जैविक खेती, प्राकृतिक खेती, संतुलित रासायनिक प्रयोग करना होगा। उक्त बातें शनिवार को बरौनी प्रखण्ड मुख्यालय स्थित प्रखण्ड कृषि कार्यालय प्रांगन में आत्मा बरौनी परिवार द्वारा आयोजित शारदीय खरीफ महोत्सव प्रशिक्षण सह उपादान कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला कृषि विपणन पदाधिकारी बेगूसराय ने कहा।

वहीं बरौनी बीडीओ अनुरंजन कुमार ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए फार्मर रजिस्ट्रेशन, सिमरिया में घर घर से संग्रहित अपशिष्टों से उत्पादित किए जा रहे जैविक खाद, कम्पोस्ट खाद मल्हिपुर दक्षिणी में जैविक तथा प्राकृतिक खेती के महत्व पर प्रकाश डाला। वहीं कार्यक्रम का शुभारंभ सभी आगत अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर किया। वहीं बरौनी कृषि परिवार द्वारा सभी आगत अतिथियों को वनस्पति संरक्षण के प्रतीक पौधों को भेंटकर सम्मानित किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रखण्ड कृषि पदाधिकारी बरौनी आयुष सिंह ने उपस्थित कृषकों के माध्यम से बिहार कृषि एप्प, कृषि यंत्रीकरण, स्वाइल टैस्ट, खेत बचाओ अभियान, किसान चौपाल, सब्सिडी, पक्का वार्मिंग कम्पोस्ट, बीजोपचार, कीटनाशक दवाओं का छिड़काव नहीं करने , आइए वैज्ञानिक खेती अपनाएं और समृद्ध बिहार के निर्माण में सहयोगी बनें सहित कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तारपूर्वक जानकारी दिया।
वहीं कार्यक्रम को सदर अनुमंडल कृषि पदाधिकारी, डिप्टी पीडी आत्मा बेगूसराय ने भी संबोधित किया। मौके पर जिला कृषि विपणन पदाधिकारी बेगूसराय अभय कुमार, सदर अनुमण्डल कृषि पदाधिकारी बेगूसराय अरविन्द कुमार, उप निदेशक कृषि अभियंत्रण न्यूटन कुमार, डिप्टी पीडी आत्मा पीयूष प्रकाश, बरौनी बीडीओ अनुरंजन कुमार, बीस सूत्री अध्यक्ष शंभू कुमार सिंह, बरौनी बीएओ आयुष सिंह, बीएओ बेगूसराय सुश्री स्टेफी आनन्द, आत्मा अध्यक्ष अशोक कुमार, बीएचओ सुगन्धि कुमारी,
बीटीएम आरती कुमारी, कृषि समन्वयक निकेश कुमार, नवीन कुमार, राजकिशोर सिंह, राकेश कुमार, एटीएम ज्ञानेश्व कुमार, कुन्दन कुमार, बीस सूत्री उपाध्यक्ष यशस्वी आनन्द, सदस्य सुरेन्द्र सिंह, बिपिन सिंह, सरोज कुशवाहा, कृषि सलाहकार श्याम कुमार, राज कुमार, संजय कुमार, संतोष कुमार चौधरी, प्रगतिशील किसान सुरेन्द सिंह, रामाशीष सिंह, चौधरी चरण सिंह, राम लाल, विवेक कुमार, तिवारी पासवान सहित अन्य उपस्थित रहे।
बेगूसराय बीहट संवाददाता धरमवीर कुमार की रिपोर्ट