डीएम एसपी ने खुद संभाला कमान।
डीएनबी भारत डेस्क

विश्वविख्यात राजगीर मलमास मेले के अंतिम शाही स्नान के अवसर पर गुरुवार को आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। ब्रह्मकुंड समेत सभी पवित्र कुंडों में स्नान के लिए सुबह से ही लाखों श्रद्धालु और साधु-संत पहुंचे। श्रद्धालुओं की कतार करीब तीन किलोमीटर तक लंबी देखी गई।
अंतिम शाही स्नान को लेकर पूरे कुंड परिसर में भक्ति और उत्साह का माहौल रहा। जिला प्रशासन ने 19 अखाड़ों के साधु-संतों के शाही स्नान के लिए विशेष व्यवस्था की थी। संतों के लिए अलग मार्ग, बैरिकेडिंग और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। डीएम कुंदन कुमार और एसपी भारत सोनी सुबह से ही कुंड परिसर में मौजूद रहकर व्यवस्था की निगरानी करते रहे।
भीड़ को देखते हुए स्वास्थ्य, पेयजल, साफ-सफाई और यातायात जिंग जैक और जगह जगह बैरिकेटिंग की विशेष व्यवस्था की गई। विभिन्न स्थानों पर चिकित्सा शिविर और सहायता केंद्र भी बनाए गए थे। प्रशासन के अनुसार देर शाम तक 15 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के स्नान करने का अनुमान है।पुजारी विकाश उपाध्याय ने बताया कि देश के विभिन्न राज्यों से आए 19 अखाड़ा साधु-संतों और श्रद्धालुओं ने पवित्र कुंडों में स्नान कर सुख, समृद्धि और कल्याण की कामना की।
तीसरा शाही स्नान परमा एकासी भी कहा जाता है।कहा जाता है कि सच्चे मन से जो भी भक्त इस तीसरे शाही स्नान करना एक यज्ञ करने के सामान माना जाता है।प्रशासन का दावा है कि भारी भीड़ के बावजूद पूरा शाही स्नान कार्यक्रम शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराया जा रहा है।
डीएनबी भारत डेस्क